स्कूल की लड़की को वेन में उड़ाया

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

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    http://raredesi.com स्कूल की लड़की को वेन में उड़ाया

    School ki ladki ki van me udaya:

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    kamuk ladki हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रोहन है | मैं आज फिर से एक बार आप लोगो की सेवा में अपनी एक कहानी को लेकर हाज़िर हूँ | मैं आज जो कहानी आप लोगो के सामने लेकर आया हूँ इस कहानी में मैंने के लड़की को स्कूल वेन में उड़ाया था | दोस्तों मैं जो आज कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ ये कहानी आप लोगो को पसंद आएगी मैं आप लोगो से ऐसी उम्मीद करता हूँ और आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आएगी | मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मैं रहने वाला कानपूर का हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और मेरा रंग गोरा है जिससे मैं दिखने में बहुत सुन्दर लगता हूँ | मेरी हाईट 6 फुट 3 इंच है और मेरी हाईट के हिसाब से मेरी बॉडी भी ठीक है जिससे मैं ज्यादा स्मार्ट लगता हूँ | मैं स्मार्ट हूँ इसलिए मुझसे लड़की जल्दी पट जाती है और मैं अभी तक कभी लड़कियों की चुदाई कर चुका हूँ | दोस्तों मैं अभी पढाई करता हूँ और कोई काम मिल जाये तो कर लेता हूँ | मैं आप लोगो को ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ |

    ये कहानी अभी कुछ महीनो पहले की है जब मैं एक स्कूल में गाड़ी चलता था | मैं जिस स्कूल में गाड़ी चलता था उस कॉलेज का नाम नही बताऊंगा | जब मैं उस स्कूल की गाड़ी चलाने लगा तो मुझे कुछ दिन को छोटे बच्चो को लाने के लिए कहा गया | तब मैं उस स्कूल के नजदीक के बच्चो को लाके स्कूल छोड़ देता था और शाम को छूट्टी होने के बाद उन बच्चो को घर छोड़ देता था | मुझे बस इतना ही काम करना पड़ता था | मैं जब कभी कभी स्कूल के बच्चो को छोड़कर अपने कॉलेज में चला जाया करता था | मुझे उस स्कूल में ऐसे ही काम करते हुए कुछ महीने हो गए तक एक नया लड़का और आ गया तो उसे मेरा काम दे दिया गया और मुझे दूर के बच्चो को लाने के लिए कहा गया | पहले दिन तो मेरे साथ एक आदमी गया जो मुझसे पहले उन लडको को लता था | उस दिन उसने मुझे सबके घर दिखा दिया और उसके बाद मैं अकेले ही जाता और सब लडको को लाकर छोड़ता और शाम को ले जाता | मुझे उस टाइम ज्यादा लडको को लाना पड़ता था इसलिए दो राउंड लगता था | जो पहले राउंड लगता उस रांउड में दूर वाले लडको और लड़कियों को ले आता और पास वाले लडको और लड़कियों को बाद में लता था | शाम को पास वाले बच्चो को पहले छोड़ देता था और जो लड़के और लड़कियों को दूर से लाना पड़ता था उनको आराम से शाम तक छोड़ आता था |

    दोस्तों जो दूर के लडको और लड़कियों को लता था उसमें की एक लड़की कभी दूर रहती थी तो उसे सबसे पहले लता था और सबसे बाद में छोड़ने जाता था | वो लड़की दिखने में बहुत सुन्दर थी और बिकुल दूध की तरह गोरी थी | उसका नाम अनुष्का था और वो कभी बड़े घर की लड़की थी | मैं उसे पहली बार में पसंद करने लगा था और मैं भी कुछ काम स्मार्ट नही था की उस लड़की को न पटा पाउँ मैंने अभी तक बहुत सेक्सी लड़कियों को पटा कर चोद चूका हूँ | इस बार मुझे ये लड़की बहुत पसंद आई थी इसलिए मैं इसको शाम को सबसे बाद छोड़ने जाता था | उसका घर कभी दूर था जिससे कभी कभी ज्यदा ही देर हो जाती थी |

    अब मैं जब उसको सुबह लेने जाता तो उसे घूरता रहता था और वो मुझे देखा करती थी | जब वो मुझे देखती तो मैं उसकी तरह देखने लगता तो वो मेरी तरफ देख कर स्माइल दे देती | दोस्तों मुझे लगा की ये भी पट जाएगी और मैं उसे लाइन मारा करता था | जब शाम को छोड़ने जाता तो भी उसे देखा करता था और कभी कभी ऐसे ही बाते करते हुए जाता | मुझे इस तरह से उससे बाते करते हुए कभी दिन हो गए | जब मैं उससे बाते करता था तो वो भी मुझसे बाते करती हुई बहुत ही सेक्सी स्माइल दिया करती थी | मुझे कुछ दिन बात लगा की ये भी मुझे पसंद करती है इसलिए मैं जब उसको शाम को घर छोड़ने जाता तो उसके इधर उधर हाथ भी लगा दिया करता था | फिर एक दिन की बात है जब मैंने उसे बता दिया की मैं उसे प्यार करता हूँ जब मैंने उसे ये बात बताई तो वो मुझे कुछ देर तक ऐसे ही देखती रही | जब वो मुझे ऐसे देखने लगी तो मुझे थोडा डर भी लगा ऐसा नही घर जाते ही मुझे पिटवा दे | फिर वो मुझसे बोली मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ | उस दिन से मेरी और उसकी बाते होने लगी थी | उसके कुछ दिनों के बाद की बाद की बात है जब मैं उसे छोड़ने उसके घर जा रहा था तो उस दिन मैं गाड़ी को एक किनारे रोक दिया | फिर उसके सर को अपने दोनों हाथो से पकड कर उसकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया | जब मैं उसकी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगा तो वो भी मेरी होठो को चूसने लगी | दोस्तों जब मैं उसकी होठो को चूस रहा था तो मुझे उसकी होठो का स्वाद मीठा सा लग रहा था | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके कपडे के अन्दर हाथ को डाल कर उसके बूब्स को दबाने लगा तो उसकी सांसे तेज हो गए | तब मैंने उसके कपडे को ऊपर उठा कर उसके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा तो उसके मुंह से तेज तेज सांसे निकलने लगी | मैं उसकी वो सांसे सुनकर और जोश में आ गया और उसके दूध को मुंह में भर कर और जोर जोर से चूसने लगा | मैं उसके बूब्स को जोर जोर से मुंह में रख कर चूस रहा था |

    फिर उसने मुझे मना किया और कहा की घर चलो दोस्तों मेरा लंड खड़ा था और मैं उसकी चुदाई किये बिना नही जाने का मन हो रहा था | तब मैंने उससे कहा बस 5 मिनट और रूक जाओ काम हो जायेगा | वो बोली यार आज नही काल कर लेना आज घर चलो | जब उसने ये बात कहीं तो मैं मान गया और उसको उसके घर छोड़ दिया | उसके दुसरे दिन की बाद है जब मैं उसे छोड़ने जा रहा था तो देर कभी हो गयी थी तो मैंने गाड़ी को एक सुनसान जगह पर रोका और उसको अपनी अपनी बाँहों में भर लिया | मैं उसकी होठो पर अपनी होठो को रख कर चूसने लगा और वो मेरी होठो को चूसने लगी | जब मैं उसकी रसीली होठो को चूस रहा था तो उसका स्वाद मीठा सा लग रहा था | मैं उसकी होठो को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसने के बाद उसके और अपने कपडे निकाल दिया | जब मैंने उसके कपडे निकाल दिए तो वो ब्रा और पैंटी में आ गयी | मैं उसके ब्रा को खोल कर उसके दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा तो उसके मुंह से जोरदार की सेक्सी आवाजे निकालने लगी | मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर चूस रहा था और दुसरे हाथ की उँगलियों को उसकी चूत में घुसा दिया | मैं उसकी चूत में उँगलियों को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा | वो आ आ आ उई उई.. सी उई सी उई सी उई सी उई.. की सिसकियाँ लेने लगी | मैं उसकी वो आवाजे सुनकर उसकी चूत में उँगलियों को और जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा | फिर उसकी चूत से उँगलियों की निकाल कर अपने लंड को उसके हाथ में पकड़ा दिया | वो मेरे लंड को हाथ में पकड कर मुंह में रख लिया

    फिर अन्दर बाहर करती हुई चूसने लगी | वो मेरे लंड को मुंह में रख कर जोर जोर से अन्दर बाहर करती हुई चूसने लगी | मैं अपने लंड को ऐसे ही कुछ देर तक चुसाने के बाद उसके मुंह से निकाल कर उसकी चूत में लंड को घुसा दिया | मेरा लंड जैसे ही उसकी चूत में घुसा तो उसने मुंह से जोरदार दर्द भरी आवाज निकल गयी | मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करते हुए चोदने लगा | मैं उसकी चूत में धीरे धीरे अन्दर बाहर करते हुए कुछ देर तक चोदता रहा | तब उसने मुंह से सेक्सी आवाजे निकालने लगी | मैंने तब उसकी चूत में जोरदार धक्को के साथ अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा | वो मेरे हर धक्के का मज़ा लेती हुई चुदने लगी | वो मेरे हर धक्के पर मस्त आवाजे करती हुई चुद रही रही | मैं उसकी टांगो को उठा कर जोरदार धक्के मारने लगा | कुछ देर में मैंने धक्को की स्पीड इतनी तेज कर दी की कुछ ही देर में उसकी चूत से गर्म पानी की धार निकाल गयी | जब उसकी चूत से पानी निकाल तो पीछे की पूरी सीट गीली हो गयी | फिर मैंने उसकी चूत में दुबारा लंड को घुसा दिया और जोरदार धक्को के साथ चोदने लगा | मैं उसको ऐसे ही जोरदार धक्को के साथ कुछ देर तक चोदने के बाद उसकी चूत से लंड को निकाल कर उसके मुंह में घुसा दिया | फिर मुठ मारने लगा जिससे मेरे लंड ने सारा माल उसके मुंह में निकाल दिया | वो मेरे लंड से निकलने वाला सारा वीर्य पी गयी |

    फिर मैंने अपने कपडे पहन लिए और उसने अपने कपडे पहन लिए | फिर हम दोनों आगे वाली सीट पर आ गए | उस दिन में उसको उसके घर छोड़ आया और उस चुदाई के बाद मैं उसको अक्सर उसी जगह पर चोदता था और वो चुदाई में मेरा पूरा साथ देती थी | ये थी मेरी कहानी धन्यवाद्....
     
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