सुहागरात पर किये मजे

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Mar 1, 2018.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,785
    Likes Received:
    2,160
    http://raredesi.com antarvasna sex stories मैं तो गोवा गयी थी अपने हसबैंड स्टीफेन के साथ हनीमून मनाने ? मुझे क्या मालूम था की उसी रात को मुझे विदेशी लण्ड भी मिल जायेंगे ? मेरे हसबैंड को क्या मालूम था की उसे विदेशी चूत मिल जाएगी . मुझे विदेशी मर्दों से चुदवाने में इतना मज़ा आ रहा था की मैं सोचने लगी की काश, आज की रात और लम्बी हो जाये ?

    मेरा हसबैंड तो विदेशी बीवियां चोदने में इतना मस्त हो गया की उसे दुनिया में किसी और की खबर ही न थी . मैं तो गयी थी एक लण्ड से चुदवाने और मिल गए मुझे कई लण्ड ? वो भी बड़े मस्त मलंग लण्ड जिसकी मैंने कभी कल्पना भी न की थी . ओ' माई गाड ? मैं एक दिन क्या पूरे हफ्ते उन मर्दों के लण्ड का मज़ा लेती रही ?

    loading...

    >>>> मेरा नाम है लिंडा . मैं 26 साल की एक दुल्हन हूँ जिसकी की शादी स्टीफेन के साथ हुई है . मैं अपने हसबैंड के साथ यहाँ गोवा में हनोमून मनाने आयी हूँ . मैंने सुना था की हनोमून के लिए गोवा से अच्छी जगह कोई और नहीं है . मैं सवेरे यहाँ पहुंची और होटल में चेक इन किया . दिन भर खूब घूमा और शाम को वापस आ गयी . हम दोनों थोडा थक चुके थे .इसलिए लिए थोडा आराम किया . उसके बाद डिनर लिया और फिर रात में खूब सेक्सी बातें करते हुए चुदवाया . मुझे अपने हसबैंड का लण्ड पसंद आया और उसको मेरी चूत . उसने मुझे रात में तीन बार चोदा . सवेरे उठ कर फिर एक बार चोदा ? वाह कितना मस्त लौड़ा है उसका ? मैं हर बार उसके लण्ड की तारीफ करती तो लण्ड सख्ती से खडा हो जाता .
    दूसरी शाम को जब हम लोग वापस आये तो मेरी एक सहेली मिल गयी . उसका नाम है नीलू . वह भी अपने हसबैंड नीरज के साथ हनीमून पर आयी थी .
    मैनें कहा :- यार तेरी शादी तो पिछले साल हुई थी और तू इस साल हनीमून मना रही है ?
    >>>> नीलू बोली :- अरे यार मैं यहाँ साल में दो बार आती हूँ हनीमून मनाने .
    >>>> मैने पूंछा :- यार ऐसा क्या है हनोमून में ?
    >>>> उसने कहा :- अरे तुम्हे नहीं मालूम क्या ? यहाँ तो लोग ग्रुप से मनाते है हनीमून . वह भी एक दूसरे की बीवियों के साथ ? यहाँ विदेशी कपल बहुत आते है . वे तो जरुर ग्रुप में मनाते है
    >>>> मैंने कहा :- यार ज़रा खुल कर बताओ ये सब कैसे होता है ?
    >>>> उसने बताया :- यार यहाँ नीचे एक हाल में रात को 10 बजे के बाद सारे कपल आते है . वे पहले थोडा शराब पीते है और एक दूसरे की बीवियां चोदते है . बीवियां भी बड़े मजे से एक दूसरे के हसबैंड से चुदवाती है . यार देखो हम लोग अपने अपने घर में एक ही लण्ड से चुदवाते चुदवाते बोर हो जाते है . हर बार वही लण्ड ? और यहाँ देखो . जाने कितने तरह के है लण्ड ? मैं तो जम कर सब मर्दों के लण्ड का मज़ा लेती हूँ . सबसे बिंदास चुदवाती हूँ और सारे लण्ड चाट चाट कर खूब एन्जॉय करती हूँ . इसी तरह मेरा हसबैंड भी विदेशी बुर खूब चोदता है . मेरे सामने चोदता है . यार क्या मस्ती आती है चुदवाने में मैं कुछ कह नहीं सकती ? तुम एक बार अपने हसबैंड को लेकर आओ न प्लीज फिर देखो क्या मज़ा आता है ?

    >>>> मैंने कहा :- यार मैं चाहतीं तो हूँ पर पता नहीं मेरा हसबैंड कैसा सोचेगा ?
    >>>> नीलू बोली :- तो एक काम कर आज तू अभी कुछ देर बाद मेरे कमरे पर आ जा अपने हसबैंड के साथ . बाकि मैं देख लूंगी
    >>>> नीलू मुझसे ज्यादा खूबसूरत है . उसकी चूंचियाँ मेरी चूंचियों से बड़ी है . उसकी सेक्सी मुस्कान बड़ी मशहूर है . मुझे लगा की वह मेरे हसबैंड को पटा लेगी . मैं आधे घंटे के बाद उसके कमरे में चली गयी . मैंने अपने हसबैंड से कहा ये है मेरी सहेली नीलू . इसकी शादी पिछले साल पहले हुई थी . और ये है इसका हसबैंड नीरज . मेरा हसबैंड नीलू को देखता रह गया . नीलू ने व्हिस्की निकाली और फिर हम चारों पीने लगे .
    >>>> मेरा हसबैंड बोला :- नीलू भाभी आप अब हनीमून मनाने आयी है एक साल बाद ?
    >>>> नीलू बोली :- हां यार यहाँ हनीमून मनाने का मज़ा कुछ और ही है . मुझे बार बार आने का मन होता है . स्टीफेन बोला :- ऐसा क्या है यहाँ भाभी ज़रा मुझे भी बताओ न प्लीज ?
    >>>> नीलू बोली :- यहाँ ग्रुप में मनाया जाता है हनीमून ? सारे कपल एक साथ मनाते है हनीमून ?
    >>>> स्टीफेन बोला :- क्या मतलब भाभी एक साथ कैसे मनाते है ? क्या सब एक दूसरे के सामने करते है .
    >>>> नीलू बोली :- एक दूसरे के सामने ही नहीं बल्कि एक दूसरे के साथ करते है . देखो मैं खुल कर बताती हूँ . यहाँ इस होटल में लोग अपने अपने कमरे में अपनी अपनी बीवी चोद कर मनाते है हनीमून और फिर नीचे एक बड़े हाल में सब मिल कर एक दूसरे की बीवी चोद कर मनाते है हनीमून .
    >>>> स्टीफेन बोला :- अरे वाह क्या ऐसा होता है यहाँ ? मुझे तो मालूम ही नहीं था .
    >>>> नीलू बोला :- तो अब मालूम हो गया न तुम्हे ? क्या अब तुम चलने को तैयार हो ?
    >>>> स्टीफेन बोला :- तो क्या आप वहां जाती है भाभी ?
    >>>> नीलू बोला :- हां बिलकुल मैं तो इसीलियें हर 6 महीने के बाद यहाँ अपने हसबैंड से साथ आती हूँ . असली बात तो यह है की मुझे ग्रुप से पराये मर्दों से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है और मेरे हसबैंड को परायी बीवियां चोदने में ? इसलिए मैं हर 6 महीने में यहाँ आ जाती हूँ और मजे से चुदवा कर जाती हूँ .

    >>>> स्टीफेन बोला :- तो क्या मैं भी चोद सकता हूँ परायी बीवियां, भाभी ?
    >>>> नीलू बोली :- हां अगर तेरी बीवी चाहे तो ?
    >>>> मेरे हसबैंड ने मेरी तरफ देखा तो मैंने सर हिलाकर हां कर दी .
    >>>> नीलू बोली :- देखो वहां जाओगे तो विदेशी बीवियां तेरा लौड़ा नोच लेंगी और तेरी बीवी की चूंचियाँ नोच लेंगे विदेशी लोग ? ऐसा करो की पहले थोडा एक्सपीरियंस कर लो . तुम मुझे यही अपनी बीवी के सामने चोदो और मेरा हसबैंड तेरी बीवी लिंडा को तेरे सामने चोदे . तब तुम्हारी हिम्मत खुल जाएगी . फिर वहां तुम विदेशी बीवियां धकापेल चोद सकोगे .
    >>>> ऐसा कह कर नीलू ने मेरे हसबैंड का लौड़ा पैंट के ऊपर से ही दबा कर बोली तो अब खोलो इस मादर चोद लण्ड को . मैं भी देखूं की यह भोषडी वाला विदेशी बुर चोदने के काबिल है की नहीं ? मैं यह सुनकर मुस्करा पड़ी . मैं तो उसके लण्ड के बारे में जानती ही थी . मैं भी थोडा बेशरम हो गयी . मैंने भी नीरज का लौड़ा दबा कर कहा यार तुम भी दिखाओ बहन चोद अपना लण्ड मुझे . मैं तो जाने कबसे उतावली हो रही हूँ तेरा लौड़ा पकड़ने के लिए . बस थोड़ी देर में मैंने नीलू के हसबैंड का लौड़ा पकड़ा और उसने मेरे हसबैंड का लौड़ा . हम दोनों नंगी भी हो गयी . वे दोनों एक दूसरे की बीवी की चूत सहलाने लगे . नीलू ने मेरे पति को बेड पर लिटा दिया और वह उसके ऊपर चढ़ बैठी . अपना बदन जोर जोर से उसके बदन से रगदने लगी . उसका लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी . उसे मस्ती सवार हो गयी . वह चपर चपर चाटने लगी लण्ड . उसे देख कर मेरी भी मस्ती बढ़ गयी , मैं भी नीरज का लौड़ा चाटने लगी . उसके लण्ड में मुझे एक नया मज़ा मिला . नया स्वाद मिला नयी स्फूर्ति मिली . मैं तो बस लण्ड से खेलने लगी . लण्ड अपनी चुंचियों पर रगड़ने लगी . चूंचियों के बीच पेलने लगी लण्ड . नीरज का लौड़ा मुझे कुछ ज्यादा मोटा लग रहा था . उधर मेरी चूत गरम हो गयी . आग निकलने लगी मेरी बुर से . मैंने देर नहीं की और नीरज का लौड़ा गप्प अपनी चूत में घुसेड लिया और लगी दनादन्न चुदवाने ? नीरज तो बड़े मजे से चोद रहा था . मैं समझ गयी इसे तो विदेशी बुर चोदने का अनुभव है . ये साला बहन चोद बहुत बढ़िया चोद लेता है . इसी तरह ग्रुप के लोग भी खूब अच्छी तरह चोदते होंगे . बस यही ख्याल मेरे दिमाग इ आया और तभी मैंने निश्चय कर लिया की मैं ग्रुप में जरुर जाऊंगी चुदवाने . मैंने अपने हसबैंड को देखा . वह भी खूब पटक पटक चोद रहा था नीलू की चूत . मुझे बड़ी ख़ुशी हुई की अब तो मेरे हसबैंड को भी खूब मज़ा आने लगा है . अब वह भी विदेशी बुर चोदने जरुर जायेगा और तब मेरा भी रास्ता साफ़ हो जायेगा . मैं तो तरह तरह के लण्ड की प्यासी हो गयी . इतने में नीरज मुझे पीछे से चोदने लगा और उधर नीलू मेरे हसबैंड के लण्ड पर बैठ कर चुदवाने लगी . हम दोनों बीवियां लण्ड की अदला बदली करके बहुत खुश थी और हमारे मियां अपनी अपनी बीवियां अदल बदल कर ? बाद में जब मैंने नीलू को लन्ड का मुठ्ठ मारते हुए देखा तो मैं भी उसी तरह मुठ्ठ मारना सीख गयी . मैंने नीरा ला लौड़ा कास कर मुठ्ठी में पकड़ा और गचागच लगाना शुरू किया सडका . थोड़ी देर में वह झड गया मेरे मुह में मेरी चूंचियों पर . मैं उसका लौड़ा चाटने लगी और नीलू मेरे मियां का लौड़ा चाटने लगी .
    >>>> नीलू बोली :- हां यार लिंडा अब तुम विदेशी मर्दों से खूब चुदवा सकती हो . और तेरे मरद का लौड़ा विदेशी बुर खूब मजे से चोद सकता है . आज रात को हम दोनों कपल साथ चलेंगे चुदवाने . रात को 11 बजे नीलू मुझे वहां ले गयी .

    >>>> नीलू बोली :- देखो यार गेट पर ही सारे कपडे उतार कर रखना होगा और अन्दर एकदम नंगी होकर जाना होगा . यही तेरे मर्द को भी करना होगा . बस फटाफट हम चारों लोग नंगे हो गए . सबसे पहले नीलू घुसी उसके पीछे मैं और फिर वे दोनों ? मैंने जो वहां देखा बाप रे बाप मैं कह नहीं सकती . 14 / 15 कपल बिलकुल नंगे . सबकी चूंचियां उछल रही थी . गांड थिरक रही थी . चूत चुद रही थी . लण्ड खड़े खड़े हिनहिना रहे थे . कोई लण्ड चाट रही थी . कोई लन्ड पी रही थी . कोई लण्ड चूंची में घुसेड रही थी . कोई लन्ड अपनी गांड में पेल रही थी . कोई लण्ड का सडका लगा रही थी . कोई धकापेल चुदवाये चली जा रही थी . सबसे बड़ी बात यह थी की लण्ड और बुर की फटाफट हो रही थी अदला बदली . लण्ड एक बुर से निकल कर दूसरी बुर में घुस जाता . दूसरी से निकल कर तीसरी बुर में और फिर तीसरी से चौथी बुर में ? बीवियां भी कभी इसका लण्ड पेलती कभी उसका लण्ड . कभी इससे बुर चुदवाती कभी उससे ? कभी इससे गांड मरवाती कभी उससे ? बड़ा मज़ा आ रहा था . मेरे घुसते ही दो मर्दों ने मुझे पकड़ लिया . एक मेरी गांड सहलाने लगा और दूसरा मेरी चूंचियाँ . मैंने भी उन दोनों के लंड पकड़ लिया . बड़ी प्यारी प्यारी बातें सुनायी पड़ रही थी . ज़रा आप भी सुनिए :-
    >>>> हाय दईया कितना मोटा है बहन चोद तेरा लण्ड = दोनों पेल दो न मेरे भोषडा में = तेरी माँ की चूत साले गांड से जोर लगा के चोद = उसकी बहन की बुर = मैं तेरी माँ चोदूंगी भोषडी वाले = हाय पूरा लौड़ा पेलो न प्लीज़ ? = तेरे लण्ड की माँ का भोषडा ? साला लगता है की मेरी बुर आज ही फाड़ डालेगा = हाय राजा मुझे रंडी की तरह चोदो = देख साले मेरा हसबैंड कैसे तेरी बीवी चोद रहा है तू भी मुझे उसी तरह चोद = हाय मियां तू भी अपनी बीवी चुदवाने आया है = हां यार तुम मेरी बीवी चोदो मैं तेरी बीवी चोद रहा हूँ = यार तेरी बीवी लौड़ा बहुत बढ़िया चाटती है = यार तेरी बीवी की गांड बड़ी मस्त है = हां यार तेरे मियां का लौड़ा मुझे पसंद आ गया = यार दो दो लण्ड पेलो मेरी बीवी की बुर में = अरे यार पहले तू मेरे मरद का लौड़ा तो देख तेरी गांड फट जाएगी = अरे कोई पीछे से मारो मेरी गांड = वाओ, इतना लम्बा लौड़ा = तेरी चूत की बहन चोद छोटी छोटी झांटें बड़ी सेक्सी लग रही है = अरे वो देख काला लौड़ा कितना मस्त लग रहा है आदि आदि .

    >>>> उधर मेरे हसबैंड का लण्ड दो बीवियां एक साथ चाटने लगी .
    >>>> इतने में नीलू बोली :- लिंडा देख वो कोने में दो पठानी लण्ड . एक तू पकड़ और एक मैं पकडती हूँ . मुझे पठानी लण्ड बहुत अच्छे लगते है . उनके लण्ड बुर चोदने में माहिर होते है . मैं उसके साथ चली गयी . मैंने लन्ड पकड़ कर देखा तो वाकई मज़ा आ गया . मैं सोचने लगी की अगर नीलू मुझे नहीं मिलती तो मैं इतना बढ़िया प्रोग्राम न देख पाती . बस ऐसा कह कर मैंने एक पठानी लण्ड पेल लिया अपनी चूत में . मैं तो चुदवाने में मस्त हो गयी . नीलू भी मेरे साथ दूसरे पठान से चुदवाने लगी . मेरे सामने मेरा हसबैंड एक गोरी मेम को चोदने लगा . अचानक मेरे कंधे पर किसी ने अपना लण्ड रख दिया . मैंने उसे पकड़ लिया और मुह में लिया मुझे गोरा गोरा विदेशी लण्ड बड़ा प्यारा लग रहा था . फिर मैंने भी शुरू किया लण्ड बदलना ? एक से बढ़कर एक लण्ड मुझे मिलाने लगा ? मैं मन ही मन सोचने लगी की क्या कभी किसी को अपने हनीमून में इतने लण्ड से चुदवाने का मौका मिला होगा ?
    >>>> मेरी सुहागरात में चार चाँद नहीं दर्जनों चाँद लग गए . एक लण्ड से नहीं मुझे दर्जनों लण्ड से चुदवाने का मौका मिला . मेरे मियां को एक चूत नहीं दर्जनों चूत मिलीं चोदने को ? मैंने रात भर जम कर चुदवाया और जब तक गोवा में रही तब तक दिन रात देशी और विदेशियों से चुदवाती रही .
     
Loading...

Share This Page