वो इश्क़ जो हमसे रूठ गया - 8

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

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    http://raredesi.com था उसके लिए वो सब कुछ करना जरूरी था जो उस ने सोचा था.

    "चंदा, आज रात कोई नाचने का प्रोग्राम है क्या अंदर?". रोज़ की तरह चंदा उसका हाल पूछने आई और जब जाने लगी तो आख़िर उस ने वो बात कर ही दी जो कब से करना चाहता था

    "शहज़ादे, ये तो कोठा है, घर जैसा हुआ तो क्या हुआ, नाच बिना क्या किसी का पेंट भर सकता है यहाँ?"

    "लेकिन तू आज अचानक क्यों पूंछ रहा है ये सब?"

    "नहीं, वैसे हे पूंछ रहा था". अभिनव से कोई बात नहीं बन पा रही थी

    "शहज़ादे, जो बात दिल मैं है वो बोल दे". चंदा जो दरवाजे मैं खड़ी थी उसके पास आ के बैठ गयी

    "मीना नाचने वाली है क्या आज?". थोड़ी देर चुप रहने के बाद आख़िर कार अभिनव ने पूंछ हे लिया

    "आस. तो लगता है अपना शहज़ादा भी मीना पे फिदा हो गया". चंदा ने हंसते हुए कहा

    "क्या.. क्या मतलब?"

    "अरे बस, मुझसे कुछ छुपा नहीं है, उस रात मीना तेरे पास आए थी ना. तुझे क्या लगता है मुझे पता नहीं है क्या? मीना मुझे बता कर हे तेरे पास आए थी". चंदा की बात सुन कर अभिनव को जैसे झटका लगा

    "तो तुम सब जानती हो क्या?"

    "हाँ सब जानती हूँ, लेकिन मैंने मीना को मना क्या था, तू तो खुद बँधा हुआ है, उसकी क्या मदद करे गा, मगर लगता है तुझे भी उसके हुस्न ने दीवाना बना दया है"

    "ऐसी बात नहीं है चंदा, मैंने इसे बारे मैं बहुत सोचा है और मुझे लगता है के शायद हम एक दूसरे की मदद कर सकते हैं. मुझे उसके बारे मैं जान कर सुकछ मैं दुख हुआ है"

    "शहज़ादे, तू और वो तुम दोनों से मुझे बहुत लगाव है. मीना की मदद करने से पहले ये सोच लाना के ऐसा करने से तू सीधा मीयर्रा भाई से टक्कर लेगा और मीयर्रा भाई कहने को तेरी मान है पर पहले एक तवायफ़ है और मीना उसका सब से खास हीरा है. अगर तू वो हीरा चुराने की कोशिश करे गा तो वो इसे बात का ख्याल नहीं करे गी के तू उसका बेटा है या नहीं"

    "साँप को जब भूख लगती है तो वो अपने हे बच्चे कहा जाता है, ये बात ज़हेन मैं रखना. कुछ भी करने से पहले अच्छी तरह सोच लेना तू". चंदा ने उसे समझते हुए कहा

    "अब तो जो भी हो, ये जुवा तो मुझे खैलना हे पड़े गा. बस मीना को ये कह डायना के मुझसे आ के मिल ले". अभिनव ने सोचती हुए आवाज़ मैं कहा

    "मेरी आशा है जो भी तुम ने सोचा है वो सच हो. अगर तुम दोनों हे इसे कैद से आज़ाद हो जाते हो तो मुझसे ज्यादा खुशी और किसी को नहीं होगी शहज़ादे"

    चंदा ये कह कर वहाँ से चली गयी और अभिनव को अब रात का इंतिज़ार था. जो उस ने सोचा था वो मीना की मदद के बेघार होना संभव नहीं था और उसे इतना यकीन था के मीना अपनी आज़ादी के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी. बस कुछ दिन और अगर उसका प्लान कामयाब हो गया तो इसे नर्क से उसे हमेशा के लिए आज़ादी मिल सकती थी. अभिनव भी-सबरी से रात का इंतिज़ार करने लगा.
    रात के तकरीबन 1 बजे अभिनव को अपने कमरे के दरवाजे पे दस्तक की आवाज़ सुनाई दी, वो जनता था के मीना के सिवाय और कोई नहीं हो सकता. उस ने फौरन दरवाजा खोल दया. मीना दरवाजे पे खड़ी थी और उसके दरवाजा खोलते ही फौरन अंदर आ गयी. आज भी वो वैसे ही चादर मैं लिपट कर अंदर आए थी. लेकिन आज उस ने अंदर आते ही अपनी चादर उतार दी थी और उसके बेड पर बैठ गयी. अभिनव ने एक नज़र उसे देखा, वाक़ई वो इतनी ही खूबसूरत थी के कोई भी उसे देख कर उसका दीवाना हो सकता था. चंदा ने सकच हे कहा था. आज भी काले रंग की सलवार कमीज़ पहन कर आए थी, लगता था काला रंग उसका पसंदीदा था

    "आप ने बुलाया था मुझे". मीना ने खामोशी को थोड़ा

    "हाँ". अभिनव बस इतना हे कह सका

    "मैं बहुत दिन से तुम्हारी उस दिन वाली बात के बारे मैं सोच रहा था और फैसला करने की कोशिश कर रहा था के मुझे क्या करना चाहिये". थोड़ी देर चुप रहने के बाद अभिनव ने खामोशी को थोड़ा

    "तो फिर क्या फैसला क्या आप ने?". मीना ने बहुत आहिस्ता आवाज़ मैं पूछा, जैसे उस ने अपना साँस रोक लिया हो

    "मैंने फैसला क्या है के हम दोनों यहाँ से भाग जाएँ गे"

    "सुकछ?". अभिनव का इतना हे कहना था के मीना का चहरा जैसे खिल उठा, जैसे किसी फाँसी लगने वाले मुजरिम को अचानक आज़ादी की खबर सुना दे गयी हो

    "इतना खुश होने की जरूरत नहीं. मेरे या तुम्हारे फैसला कर लेन से कुछ नहीं होता, अगर ये इतना हे आसान होता तो मैं कब का यहाँ से जा चुका होता". अभिनव ने उसे इतना खुश होते देख कर फौरन कहा

    "मेरे लिए तो ये भी बहुत बड़ी खुशी की बात है के आप ने मेरी बात मानी है"

    "हाँ लेकिन उसके लिए हमें बहुत कुछ प्लान करना होगा, यहाँ से भाग जाना इतना आसान नहीं. मीयर्रा भाई को जब पता लगे गा तो वो हमें आसानी से नहीं चोदे गी. चंदा ने मुझे बताया है के तुम उसकी सब से खास लड़की हो जिस से उस ने बहुत सारा पैसा कमाने का सोच रखा है, तुम्हाइन भगा के ले जाने का मतलब है मीयर्रा भाई हमारा पीछा इतनी आसानी से नहीं चोदे गी. यहाँ से भागने के बाद हमें कुछ दिन कहीं चुप कर रहना होगा". अभिनव अब उसके साथ बेड पे आ के बैठ गया
    "मीना, मेरे पास सिर्फ़ 10 हज़ार हैं, जो मैंने काफी सालों की मेहनत के बाद जमा किये हैं और 10 हज़ार से आज कल कुछ नहीं होता"

    "आप साथ हूँ गे तो हम कुछ ना कुछ कर लाइन गे. 10 हज़ार से हम यहाँ से कहीं दूर किसी छोटी मोटी जगा पर अपने लिए रहने का इंतईज़ाम तो कर हे सकते हैं". मीना ने उसकी बात काट'ते हुए कहा

    "देखो ये असल जिंदगी है कोई फिल्म नहीं जिस मैं हम बिना पैसे के सब कुछ कर लाइन गे. ज़िंदा रहने के लिए मोहब्बत के अलावा..
     
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