भाभी को हुआ सच्चा प्यार

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 8, 2017.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    134,525
    Likes Received:
    2,131
    http://raredesi.com यह जो इंसिडेंट मैं आज आपको बताने जा रहा हूं एकदम सच है. यह एक सिर्फ साधारण कहानी नहीं है, बल्की मेरे जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में से एक है. क्योकि तब मैंने पहली बार किसी ओरत का स्पर्श किया था. में इस कहानी को हमेशा से आपसे शेयर करना चाहता था. मैंने भाभी से पूछकर यह कहानी आप सबसे शेयर करने का डिसाइड किया.

    दोस्तों इस कहानी में कुछ झूठ नहीं लिखूंगा. यह इंसिडेंट आज से 3 साल पहले हुआ था. मैं 22 साल का हूं, और मेरी हाइट 6 फुट 4 इंच है और देखने में एक एवरेज लड़का जैसा हूं मेरी बॉडी भी अच्छी है. मैं मुंबई का रहने वाला हूं.

    मेरे घर के बगल में एक भाभी रहती है जिनका नाम स्वर्णा है. उनकी एज 26 साल है, रंग स्वर्ण है और उनका फिगर ३४-२८-३२ होगा. वह बहुत स्लिम है. उनकी स्माइल बहुत प्यारी है. कोई भी लड़का अगर उनको देखेगा तो उन्हें अपना दिल दे देगा. भाभी की शादी 21 साल की उम्र में ही हो गई थी और उन्हें एक चार साल की बेटी भी हे.

    स्वर्णा भाभी की मेरी मम्मी से बहुत अच्छी दोस्ती थी इसलिए वह हमेशा मेरे घर आती थी. मैंने कभी उन्हें गलत नजर से नहीं देखा था. दरअसल मैं बहुत शर्मीला लड़का हूं और मैं लड़कियों से बात करने में भी बहुत शर्माता हूं. मैंने भाभी से ज्यादा बात नहीं करता था बस कभी कभी स्माइल पास कर देता था.

    एक दिन शाम को मैं घर आया तो मम्मी ने कहा अनुराग स्वर्णा की तबीयत खराब हे, तू जा और उसे डॉक्टर को दिखा ला. मैंने भी पूछा क्यों उनके पति नहीं ले जा सकते? इस पर मम्मी ने मुझे डांटा और कहां जितना बोला है उतना कर.

    मैं भी बिना मन के भाभी को लेकर अपनी बाइक पर डॉक्टर के पास ले गया. डॉक्टर ने बताया कि उन्हें पिछले 1 हफ्ते से बुखार है जिसकी वजह से उन्हें अब कमजोरी हो गई है. वापस आते समय मैंने भाभी से पूछा कि 1 हफ्ते से बुखार है तो डॉक्टर के पास पहले जाना चाहिए था ना इस पर वो कुछ नहीं बोली.

    घर आकर रात को मैंने अपने मां से यह बात बताई की भाभी को 1 हफ्ते से बुखार था तो उनके पति को ले जाना चाहिए था ना डॉक्टर के पास? इस पर मम्मी ने बताया भाभी के पती बहुत ही पुराने विचारों के हैं इसलिए जब उन्हें बेटी हुई तबसे वह स्वर्णा पर ज्यादा ध्यान नहीं देते क्योंकि उन्हें लगता है कि बेटी भाभी के वजह से हुई है.

    यह बात मुझे बहुत बुरी लगी हम २१ वी सेंचुरी में रहते हैं फिर भी ऐसे बेकार के पुरानी सोच करते हैं कुछ लोग.

    मैंने अपनी मां से कहा कि भाभी को ऐसे ही इंसान को छोड़ देना चाहिए मेरी मां ने कहा कि एक औरत के लिए ये करना आसान नहीं होता. और तुम दूसरों के घर के मामले में मत पड़ो.

    दोस्तों सच बता रहा हूं मैं उस रात बिल्कुल नहीं सोया. और उस दिन के बाद मेरे मन में भाभी के लिए एक कोने में जगह बन गयी. मेरे मन में उनके लिए कोई वासना या प्यार की भावना नहीं थी पर उनको दुखों के लिए एक दर्द था. हर औरत हसते अपने दर्द को छुपा लेती है और समाज को पता भी नहीं चलता.

    उस दिन के बाद धीरे धीरे मैंने भाभी और उनके बच्चे से दोस्ती कर ली. मैं हमेशा उनकी बेटी के लिए खिलौना लाता. उसे पढ़ाई में मदद करता. अब भाभी से भी मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी उन्हें अगर मार्केट से कुछ सामान लाना होता तो मैं लाकर दे देता. या उन्हें मार्केट जाना होता तो मैं अपनी बाइक पर ले जाता.

    हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे भाभी ने एक बार मुझे बताया कि कैसे उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था लेकिन उनके घर वालों ने ग्रेजुएशन के सेकंड ईयर में ही शादी करवा दी. पर वह हमेशा मुझे झूठ कहती है कि वह अपने पति के साथ बहुत खुश है. वह मजाक मजाक में मुझसे कहती कि अगर आप मुझे पहले मिले होते तो मैं आप के साथ शादी कर लेती मैं भी यह बात हंसी में उड़ा देता था.

    एक सुबह मैं घर पर अकेला था मेरे घर के सभी लोग बाहर गए थे अपने अपने कामों से. तभी मुझे भाभी के घर से लड़ाई की आवाज आई मैं डर गया. मैंने सोचा क्या मैं उनके घर जाऊं या नहीं? तभी मैंने देखा कि भइया अपने बाइक पर शायद ऑफिस चले गए. मैं 5 मिनट के बाद भाभी के घर गया थोड़ी देर डोर बेल बजाने के बाद भाभी ने दरवाजा खोला और मुझे देख कर कहा

    अनुराग तुम्हे कुछ काम है क्या? आओ अंदर बैठो.

    मैं देख सकता था की भाभी की आँखे रोने की वजह से थोड़ी लाल हो गई थी. और उनका गाल भी लाल लग रहा था मतलब उनके पति ने उन्हें मारा भी था. मैंने उनसे कहा कि मैंने कुछ आवाजें सुनी यह सुनकर वह थोड़ी परेशान हो गई. फिर उन्होंने बात बदलते हुए कहा कि आवाजे टीवी से आ रही थी.

    मैंने कहा नहीं भाभी आप झूठ मत बोलिए.

    वह बोली अरे मैं झूठ क्यों बोलूंगी?

    आप झूठ बोल रहे हैं अच्छा बताइए आप की आँख क्यों लाल है आप रो रही थी?

    उसने कहा नहीं वह तो आंख में कचरा चला गया था.

    मैं सोफे पर उनके पास जाकर बैठ गया और उनके गाल को हाथ लगाकर पूछा यह कैसे हुआ? इस पर वह एकदम चुप हो गई मैंने कहा था कि मुझे सब पता है आपके और भाई के बारे में झूठ मत बोलो. अगर आप मुझे अपना दोस्त मानती हो तो अपना दर्द बता नहीं सकती?

    यह बात सुनकर हो मुझे पकड़कर रोने लगी और बताया कि कैसे उनके के बेटी के स्कूल जाने के बाद उनके पति ने उनसे झगड़ा शुरु कर दिया? क्योंकि उन्होंने अपने खर्चे के लिए कुछ पैसे मांगे, उन्होंने बताया कि कैसे उनका पति हमेशा से ऐसे ही झगड़ा करके उन्हें मारता है,

    उन्होंने कहा कि उनके घर वालों ने जबरदस्ती भाभी की शादी करा दी और उनका पति शुरू से उन्हें अपने मुट्ठी में काबू कर के रखने की कोशिश करता है. और वह बेचारी भी अपने घर वालों की इज्जत के डर से कुछ कर नहीं सकती. इतना बताने के बाद वह जोर जोर से रोने लगी उनका दर्द सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए.

    तभी मुझे उनके गाल के दर्द का एहसास हुआ तो मैं फटक से जाकर घर से आइस क्यूब ले आया मैंने वह क्यूब उन्हें दी पर वह लगातार रोये जा रही थी, इसलिए वह क्यूब लेकर मैं उनके पास बैठ गया.

    मैंने सोचा कि मैं उन्हें रोने देता हूं क्योंकि रोने से उनका दर्द निकल जाएगा. उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहा मैंने किसी का कभी कुछ बुरा नहीं किया तो मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? और वहां मुझे पकड़ कर रोने लगी.

    उनके इस सवाल का मेरे पास कोई जवाब नहीं था. मैंने आइस क्यूब ली और उनके गाल पर लगाने लगा भाभी के आंसू रुक नहीं रहे थे और रोने की वजह से उनका आंख भी लाल हो गए थे. मैंने अपने हाथों से उनके आंसू पोछते हुए कहा अब बस करो आप और रोयेंगी तो तबीयत खराब हो जाएगी. उन्होंने मुझे देखा और कहा तुम्हें उससे क्या? तबियत मेरी खराब होगी. मैं तो ऐसे ही मर जाना चाहती हूं. इस बात पर मैंने उन्हें डांटा और बोला चुप हो जाओ भाभी वरना.

    वह चिल्ला कर बोली "वरना वरना क्या? तुम हो कौन मुझ पर चिल्लाने वाले, वैसे भी मैं किसी के लिए कुछ मायने नहीं रखती, कोई मुझसे प्यार नहीं करता. मैंने उनकी आंखों में आंखें डाल कर कहा आप मेरी दोस्त है, मेरे लिए आप इंपॉर्टेंस रखती हे. भाभी और मैं बहुत पास बैठे थे और वह मुझे एक टक देखे जा रही थी. पूरे रूम में एक अजीब सी शांति थी. तभी अचानक पता नहीं क्या हुआ? वह मेरी तरफ बढ़ी और मेरे लिप्स को किस करने लगी. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआं मेरे लिए यह सब नया था. मेरे दिल की धड़कन तेज होने लगी मुझे कुछ फिल नहीं हो रहा था.

    तभी मुझे किस कर रही थी और मैं पुतले की तरह बेजान था. अभी थोड़ी देर में मुझे होश आया मैंने उससे कहा भाभी आप यह क्या कर रही हैं? यह गलत है आप शादीशुदा हैं आपकी एक बेटी है. ऐसा कह कर मैं जाने लगा. तभी पीछे से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली.

    प्लीज मत जाओ मैं जानती हूं यह गलत है पता नहीं क्यों मुझे यह सही लग रहा है. मैंने कभी सच्चे प्यार का एहसास नहीं किया पर तुम पास हो तो लग रहा है कि यह दिल हमेशा से तुम्हे ही चाहता था. आज प्लीज मेरे प्यार के लिए नहीं तो दोस्ती के लिए रुक जाओ इतना कहकर वह मेरे सामने आ गई और मेरी हाथ को पकड़कर अपने कमर पर रख दिया और बोली

    मैंने कभी सच्चे प्यार का एहसास नहीं किया शादी के बाद सिर्फ एक इंसान के लिए हवस का का भोग बनी हूं. आज मुझसे मेरा प्यार मत छीनो ऐसा कहकर वह मुझे किस करने लगी उनकी बातों का असर मुझ पर भी हुआ और जाने अनजाने में मैं भी उनका साथ देने लगा.

    मैं पहली बार किसी को किस कर रहा था. मैं उनके नरम नरम होंठों को महसूस करने लगा हम दोनों ने एक दूसरे को कस के पकड़ लिया था और दूसरे को जबरदस्त किस कर रहे थे. मैं कभी उसके जीभ का स्वाद ले रहा था तो कभी वह मेरी जीभ का स्वाद ले रही थी. हमने एक दूसरे को लगातार 15 मिनट तक किस किया होगा.

    उसके बाद सभी ने मुझे सोफे पर गिरा दिया और मुझे मुझ पर चढ़ गई और मेरे कान और गर्दन पर पागलों की तरह किस करने लगी. मैं भी अपने हाथों को उनकी चिकनी पतली कमर पर चलाने लगा और एक हाथ से उनके छोटे प्यारे ब्रेस्ट को ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा. उनकी गर्म सांसों ने मुझे पागल बना दिया था. तभी भाभी ने मेरे शर्ट को एक झटके में खोल दिया और मेरे बनियान को फाड़कर मेरे चेस्ट को चूमने लगी. मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था

    मैं उनके बालों में हाथ फेरने लगा और उनकी रेशमी बालों को खोल दिया अब मुझ में भी एक जोश सी आ गयी थी. मेरा दिन घोड़े की तेजी से दौड़ रहा था. उपर से भाभी की मीठी खुशबू और गरम सांसो ने मेरे अंदर एक उबाल सा पैदा कर दिया था. मैंने भाभी को उनके बालों से पकड़कर खींचा और अब मैं उनको पागलों की तरह किस करने लगा उनके गाल, गर्दन, सर सब कुछ और हर जगह मैंने किस की.

    ओके हल्की हल्की सिसकियां लेने लगी. मेरे कानों में उनकी आः अह्ह्ह हहह म्मम्म उम्म्म्म ओह्ह्ह्ह एस येस्स्स्स अह्ह्ह्ह आम्म्म उम्म्म्म ओह्ह्ह्ह हल्की आवाजें आ रही थी. मैंने उन्हें गोदी में उठाया और ले जाकर उन को बेड पर पटक दिया और उन पर टूट पड़ा. मैंने उनकी साड़ी निकाल कर फेंक दी मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी. मेरी नजर उसकी चिकनी कमर पर पड़ी और क्या बताऊं दोस्तों? उसके जैसी कमर किसी की नहीं होगी एकदम स्लिम, गोरी और नर्म और उस पर उस की बेली बटन यह सब देख कर मुझ से रहा नहीं गया.

    मैंने सीधा उसके कमर को चूमना शुरू कर दिया, अब स्वर्णा की आवाजें भी बढ़ने लगी थी. भाभी के कमर को जितने तेजी से चुम रहा था उतने ही तेजी से कमरे में स्वर्णा की आवाजे भी बढ़ रही थी. वह मेरे एक हाथ से अपनी चूची को उसकी ब्लाउज के उपर से ही दबा रही थी. और दुसरे हाथ से मेरे बालो में अपना हाथ फेर रही थी. मेरा एक हाथ भी बहोत जोर से स्वर्णा की चूची को दबा रहा था और दूसरा उसके पेटीकोट के उपर से उनकी चूत को सहला रहा था.

    चिकनी कमर को चुमते चुमते मैं नीचे पहुंचा. मैं अपने हाथों से भाभी की चूत की गर्मी महसूस कर सकता था. मैं जोर-जोर से उनकी चूत मसलने लगा वह जोर जोर से चिल्लाने लगी प्लीज अहह्ह्ह हहह अम्मम्म प्लीज़ धीरे आह्ह्ह्ह उम्म्मम्म अगग्ग्ग हह्ह्ह्ह करो अनू अह्ह्ह्ह अम्मम्म इआईइ अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ऊम्म्मम्म प्लीज अनु. मैंने पटक से भाभी के ब्लाउज को खोज दीया और उसकी चुचियो में अपना मुंह डाल दिया और जोर जोर से ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूसने लगा. फिर मैंने उसकी ब्रा भी गुस्से में फाड़ दी. और चुचियां को चूसने लगा.

    तभी मेरे मुंह में दूध आया यह देखकर स्वर्णा हंसने लगी मुझे और गुस्सा आया और मैंने दूध चूसने लगा बीच बीच में उसकी चुचियो को जोर से काट देता वह जोर से चिल्लाती मत कर अह्ह्ह अम्म्म उम्म्म्म ओह्ह्ह आह्ह्ह य्रस्स्स्स येस्स अह्ह्ह्ह ऐम्म्म्म ओह्ह्ह्ह आह पिलो ऊऊओ मेराआआ और मेरे सर को अपनी चुचियों पर दबाने लगे उनका दूसरा हाथ ट्राउजर के अंदर मेरे लंड से खेल रहा था.

    जब भी मैं उनकी चुचियों को काट देता वह जोर से मेरा लंड दबा देती. मैंने भी अपना एक हाथ उनके पैंटी में डाल दिया. मैं महसूस कर सकता था कि उनके चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे, और भाभी की चूत बहुत गीली हो गई थी मैं अपने हाथ से चूत को रगड़ने लगा तभी अचानक से दो उंगली चूत में डाल दी और फिंगरिंग करने लगा मेरी उंगलियों का यह वार भाभी संभाल नहीं पाई और चिल्लाई आह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह पागल हो क्या? आःह हाहाह हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह धीरे रुककक्क जाओऊऊऊ. मैं नहीं रुकने वाला था. मैंने भाभी की चुचियों को चूस चूस के निचोड़ दिया था.

    फिर मैं धीरे धीरे भाभी को किस करते हुए नीचे आया. मैंने उनकी पेटीकोट और पेंटिं एक ही झटके में उतार दी. अब मेरे सामने भाभी का प्यारा सा गिला चूत था हल्की हल्की बालों वाली मैंने पोर्न मूवीस में देखा था लड़कों को चूत चाटते हुए. मैं भी बिना कुछ सोचे समझे उस पर टूट पड़ा और उसे चाटने लगा. भाभी मेरा सर उसमें दबाने लगी.

    मैं मजे से चूत चाट रहा था और भाभी के नमकीन पानी का मजा ले रहा था. जब मैं अपनी जीभ चूत में अंदर डालता भाभी अपने गांड उठाकर सिसकियां लेती अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उम्म्म्म अहह्ह्ह येस्स्स्स ऐईईई आह्ह्ह्ह येस्सस्सस्स अह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह येस्स्स्स अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उम्म्म्म अहह्ह्ह येस्स्स्स ऐईईई आह्ह्ह्ह येस्सस्सस्स अनुराग वह चुतीया तो मेरी सिर्फ चुदाई करता था उसने ऐसा कभी भी नही किया और मेरे सर को और जोर से दबाने लगी. मैं भी दोनों हाथों से उसके चुचे मसल रहा था और चूत चाट रहा था.

    थोड़ी देर में भाभी ने मुझे अपने पैरों से जकड़ लिया और मेरे सर को पूरा अपनी चूत पर दबा दिया. अब मुझे भी घुटन से होने लगी और मेरा सांस फूलने लगा. इतने में वह सिसकिया लेते हुए जड गई और मैंने उन का सारा रस पी लिया.

    और फिर मैं बगल में सो गया. हम दोनों हांफ रहे थे पूरे कमरे में गर्मी हो गई थी. और एकदम शांति थी बस हमारे सांस लेने की आवाज आ रही थी. हम दोनों पसीने से भीग चुके थे. थोड़ी देर की शांति के बाद भाभी बोली अनुराग आई लव यू अब मुझसे नहीं रहा जाता जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, और मेरी चूत की गर्मी को मिटा दो. 1 घंटे में श्रुति की स्कूल बस भी आ जाएगी. इतना कहकर वह पेड़ पर घोड़ी बन कर तैयार हो गई और अपने गांड मटकाते हुए बोली आजा मेरे राजा अपने मोटे लंड से फाड़ दी मेरी चूत ऐसा सुनकर मुझ में भी जोश आ गया मैं भाभी के पीछे आ गया उन्होंने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सेट किया और बोली मार दे धक्का.

    मैने भी उसे कमर से पकड़ा और एक धक्का मारा और एक ज़टके में मेरा ६ इंच का लंड उनके चूत के अंदर चला गया. मेरा यह पहली बार था तो मुझे थोडा दर्द हुआ पर मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उन्हें ठका ठक चोदने लगा. में अपने एक हाथ से उसके बालो को खीचने लगा और दुसरे हाथ से उसकी गांड पर थप्पड़ मारने लगा. वो दर्द से मुझे गालिया देने लगी अह्ह्ह हहह हरामी की ओलाद आह्ह्ह हह्ह्ह अम्म्म्मुह उह्ह्हह्ह कुत्ते मम्म्म्मा माअराआ मार माआआत मुझे अहहह्ह उम्म्मम्म उह्ह्ह्हह्ह हाहाह.

    दस मिनिट तक डौगी स्टाइल में करने के बाद मैने भाभी को सीधा घुमाया और उनके लेग्स को अपने कंधे पर रखा और स्टार्ट कर दिया अब में अपने हाथ से उसके बूब्स भी मसल सकता था और वह भी बहोत मजे लेकर अपनी गांड उठा उठा कर मजे से चुदवा रही थी.

    १५ मिनिट के बाद उसकी बोडी अकड़ने लगी और वह आआह्ह माम्म्म्म तोह्ह्ह्ह जड़ने आआह्ह आज्ज्ज अम्म्म वाली अआहः ममं हु आह्ह्ह और वह जड गई और थोड़ी देर बाद मैने भी उनके चूत में जड़ दिया और उनके ऊपर गिर गया. अब मेरा लंड एकदम लाल हो गया था और दर्द कर रहा था. भाभी ने मुझे गले लगाया और कहा बाबु आज से में तुम्हारी हु, में जिन्दगी भर बस तुमसे ही प्यार करुँगी. अभी तुम जाओ श्रुति आ जाएगी स्कुल से. और में भी उसे किस करके और उसे आय लव यु बोलके उसके घर से निकल गया.
     
Loading...

Share This Page