पापा के साथ मिलकर नौकरानी को चोदा

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 10, 2017.

  1. 007

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    हैल्लो दोस्तों, में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सच्ची सेक्सी कहानियाँ को पढ़ने वालों के लिए अपनी दूसरी सच्ची घटना को आप लोगों को सुनाना चाहताa हूँ, जिसमे मेरे पापा ने हमारे घर का काम करके वाली नौकरानी को जमकर चोदा। दोस्तों यह वही नौकरानी है जिसको पिछली बार मैंने चोदा था और उसकी वो चुदाई की घटना आप लोगों तक लिखकर पहुंचाई भी थी। दोस्तों जिन लोगों ने मेरी पिछली कहानी को नहीं पढ़ा था, में उन सभी को बता दूँ कि मैंने अपनी पिछली कहानी में बताया था कि मैंने कैसे अपनी नौकरानी जिसका नाम मीना था, उसको चोदा और उसको अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया।

    दोस्तों यह बात जनवरी 2016 की है यह उन दिनों हमारे बहुत सारे मिलने वाले रिश्तेदारों के यहाँ पर शादियाँ थी और इसलिए हमें हर दूसरे दिन कहीं ना कहीं शादी में जाना था। हम सभी घर वाले अपने मिलने वालों और रिश्तेदारों की होने वाली शादियों में बहुत व्यस्त थे और इसलिए उस दिन भी हमारे साथ ठीक वैसा ही कुछ हुआ, लेकिन पिछली रात को अपने एक रिश्तेदार की शादी में ज्यादा देर उसके घर पर तक रहने की वजह से हम दोनों में और मेरे पापा थककर गहरी नींद में सो रहे थे और मेरी माँ हमें बताए बिना ही चली गई।

    दोस्तों पहले मुझे भी नहीं पता था कि मेरे पापा भी हमारी नौकरानी को अपनी बातों में फंसाकर उसकी चुदाई करने के चक्कर में लगे रहते है, लेकिन मैंने कई बार गौर करके देखा कि पापा हमेशा बड़े ध्यान से मीना की मटकती हुई गांड और उसके बड़े आकार के गोरे बूब्स को देखते और वो साथ ही अंडरवियर और बनियान में मेरी नौकरानी के आस पास टहलते रहते उनकी गंदी नजर हमेशा मीना के सेक्सी बदन को देख देखकर उसकी चुदाई करती रहती थी। दोस्तों वैसे तो पापा की उम्र और मीना की उम्र में करीब 22 साल का अंतर था, लेकिन चुदाई सेक्स प्यार इनमे कोई भी अंतर नहीं देखा जाता और ना ही वो चलता है। दोस्तों अब आप लोग मेरी नौकरानी की चुदाई मेरे पापा के साथ कैसे हुई वो पढिए। दोस्तों उस दिन पापा सुबह सुबह बड़ी गहरी नींद में सो रहे थे और उनको बिल्कुल भी पता नहीं था कि ऊपर वाले हिस्से में जो कमरा बना हुआ है जो उनके कमरे से एकदम सटा हुआ है वहां पर उस कमरे के अंदर में सो रहा हूँ, क्योंकि मेरी माँ ने जाते समय गलती से दरवाजे को बाहर से ही बंद कर दिया था, लेकिन जब दरवाजे की घंटी बजी तो मीना की आवाज मेरे कानों में आई और तब मैंने दरवाजे को ज़ोर से धक्का दिया, लेकिन वो तो ऐसे ही अटका होने की वजह से तुरंत खुल गया और पापा को जाता देखकर में उनकी हरकते देखकर चुप गया। अब घर पर केवल पापा और में ही थे। फिर सुबह के करीब 9.30 बजे दरवाजे पर लगी घंटी बजी और पापा ने बिस्तर से उठकर देखा कि बाहर हमारी नौकरानी मीना आ गयी है, क्योंकि उसने कुछ देर दरवाजा ना खोलने पर आवाजे भी देना शुरू किया था और दो तीन बार आवाज देकर वो चुपचाप खड़ी होकर दरवाज़ा खुलने का इंतजार करने लगी। फिर मेरे पापा ने उस समय जल्दी से नीचे जाकर दरवाजा खोल दिया। में यह सब ऊपर वाली जाली से छुपकर देख रहा था उस समय पापा केवल अंडरवियर में थे और फिर उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया। अब वो ऊपर वाले हिस्से में आ गई और अपना काम करने लगी। तब पापा ने नीचे चेक किया कि कोई है या नहीं, उसके बाद वो ऊपर आ गए और उसके बाद उन्होंने ऊपर के दोनों कमरे चेक किए, लेकिन उनको वहां पर कोई भी नहीं मिला था और वो मन ही मन बहुत खुश थे, वो ख़ुशी मुझे उनके चेहरे से साफ साफ पता चल रही थी। अब वो सीधे किचन में चले गये जहाँ पर मीना अपना काम कर रही थी, में उनको इसलिए नज़र नहीं आया था, क्योंकि में उनको आता हुआ देखकर अपने पड़ोस वाली छत पर उतर गया था और में कुछ देर छुपकर बैठा रहा। अब नीचे पापा ने मीना से कहा कि मीना आज तो तुम क्या बात है बड़ी ही सुंदर लग रही हो और खुश भी नजर आ रही हो? यह बात कहते हुए पापा ने मीना की तरफ आँख मारी, तो वो बोली कि ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा आप समझ रहे हो और मेरी इतनी तारीफ करने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद और वो अब मुस्कुराकर अपना जवाब देकर अपने काम में दोबारा लग गई। दोस्तों उसकी उम्र करीब 25-26 साल की होगी और उसके बूब्स का आकार 35-32-36 और मस्त कसा हुवा गोरा चमकीला बदन था जिसको एक बार देखकर हर कोई उसका दीवाना बन जाए, क्योंकि उसका पूरा का पूरा वो सेक्सी बदन बहुत आकर्षक था, जिसकी वजह से हर कोई उसकी तरफ खिंचा चला जाता और वही हाल मेरा और उसके बाद अब मेरे पापा का भी था। वो भी अपने आप को नहीं रोक सके।

    अब पापा उसके बहुत करीब आ गये और उन्होंने बिना कहे ही उसके दोनों बूब्स को झट से उसको पीछे से अपनी बाहों में भरकर लपककर पकड़ लिए और वो दोनों बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगे। फिर मीना ने पापा से कहा कि आप छोड़ दो मुझे, यह क्या कर रहे हो कोई आ जाएगा? तब पापा ने कहा कि इस समय घर पर हम दोनों के अलावा और कोई भी नहीं है और घर के सभी लोग बाहर शादी में गये हुए है और वो उनके बूब्स को कसकर दबाने लगे। अब वो कहने लगी कि अब आप मुझे छोड़ दो और मुझे घर जाने दो, मुझे घर पर काम है और तभी पापा उससे पूछने लगे कि क्यों कल रात को चुदाई नहीं की क्या? वो पापा के मुहं से यह बात सुनकर शरमा गई और पापा ने अब अपनी अंडरवियर में तनकर खड़े लंड को उसकी गांड पर रख दिया और वो लंड को अंदर की तरफ धक्का देकर दबाने लगे और तब उन्होंने कहा कि आज तो में तेरी जमकर चुदाई करके ही रहूँगा और वो अब पापा को विरोध ना के बराबर कर रही थी। इसी बीच पापा ने सही मौका देखकर उसका ब्लाउज और उसके साथ साथ उसकी ब्रा को भी उतार दिया, जिसकी वजह से उसके दोनों बूब्स अब एकदम आजाद थे और बड़े ही सुंदर नजर आ रहे थे वो अब दोनों बूब्स को चूसने लगे, वो अपने ऊपर के मन से मना कर रही थी, लेकिन वो फिर भी अपना काम किए जा रहे थे और तभी पापा बोले कि एक दिन भी तो मुझसे बिना चुदे चली गई थी और उस दिन तेरी अच्छी किस्मत ने तुझे बचा लिया था, लेकिन आज ऐसा नहीं होगा और ना ही में ऐसा होने दूंगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

    अब पापा ने मीना की साड़ी को बिना देर किए किचन में ही उतार दिया, जिसकी वजह से वो अब केवल पेटीकोट में खड़ी थी और पापा का लंड पूरी तरह से खड़ा होकर मीना की चूत को सलामी दे रहा था और वो बिना बोले बता रहा था कि आज तो में मीना की चूत के अंदर घुसकर ही दम लूँगा और इसकी चूत को अपनी चुदाई से संतुष्ट कर दूंगा और फिर बिना समय खराब किए पापा ने उसका पेटीकोट भी अब उतार दिया। दोस्तों मीना का रंग बहुत गोरा था, इसलिए वो बिना कपड़ो के और भी मस्त सेक्सी लग रही थी। अब पापा ने मीना का एक हाथ पकड़कर अपना लंड उसके हाथ में दे दिया, जिसको छूकर मीना का चेहरा ख़ुशी से खिल उठा और पापा लगातार मीना की चिकनी कामुक चूत को अपने एक हाथ से रगड़ रहे थे, जिसकी वजह से मीना बहुत जोश में आ गई थी और उसकी चूत ने पानी भी छोड़ना शुरू कर दिया था। वो मोन करने लगी थी, जिसका मतलब साफ था कि अब मीना भी पापा से अपनी प्यासी चूत की चुदाई करवाना चाहती है, इसलिए उसने भी तुरंत पापा की अंडरवियर को भी अपने एक पैर से नीचे सरकाते हुए पूरा उतार दिया था, जिसकी वजह से अब पापा उसके सामने नंगे और मीना तो बिल्कुल नंगी खड़ी हुई थी, वो दिखने में एकदम काम की देवी नजर आ रही थी। दोस्तों उसके एक बच्चा भी था, लेकिन फिर भी उसके बदन में बड़ा ही अच्छा कसाव था और अब पापा का लंड मीना के एक हाथ में और उसके दोनों बूब्स पापा के दोनों हाथों में थे। वो दोनों बड़ी बुरी तरह से एक दूसरे को मसल रहे थे, जैसे उन दोनों ने कई महीनो से सेक्स ना किया हो और वो दोनों बिल्कुल पागल हो चुके थे। दोस्तों मीना को सारे नये नये तरीके मैंने ही सिखाए थे और जब मेरे घर वाले एक सप्ताह के लिए कहीं बाहर गये हुए थे तब मैंने उसको बहुत जमकर हर बार एक नये तरीके से चोदा और हर बार एक अलग मज़ा दिया, इसलिए उसको चुदाई के बहुत सारे नये तरीके आते थे। अब पापा ने मीना को अपनी गोद में उठा लिया और वो उसको अपने कमरे में ले गए। उसके बाद उन्होंने मीना को बेड पर लेटा दिया और वो दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये और एक दूसरे को जोश में आकर बड़ी मस्ती के साथ चूसने लगे।

    फिर पापा ने उससे पूछा कि मीना अब इसके आगे भी कोई काम बाकि है क्या? तब मीना बोली कि हाँ है चूसने के बाद तुझे आज मेरी जमकर चुदाई भी करनी है, साले मुझे आज अपने लंड की ताकत भी दिखा। तभी पापा बोले कि तू आज बिल्कुल भी चिंता मतकर मेरी रानी, क्योंकि आज में तेरी चूत को चोदकर आज जरुर फाड़कर ही वापस तेरे घर पर जाने दूँगा। अब मीना ने ध्यान से देखा कि पापा का लंड मेरे लंड से करीब एक इंच बड़ा और मोटा भी है, तब वो बोल पड़ी कि तुम्हारा लंड तो मेरे पति से भी बड़ा और मोटा भी है। तभी पापा पूछने लगी कि तुम्हारे पति का लंड कितना बड़ा है? तो वो बोली कि मेरे पति का लंड पांच इंच का है और वो तो जल्दी से मेरे पेटीकोट को ऊपर उठाकर सीधा मेरी चूत में एक जोरदार धक्का देकर अपना पूरा लंड अंदर डाल देता है उसके बाद वो लगातार धक्के देने लगता है मेरी जमकर चुदाई करता है, लेकिन वो कभी भी मेरी चूत को इस तरह से चूसता नहीं है। अब पापा ने अपने लंड का पानी उसके मुहं में डाल दिया और उसको सीधा करके उसके दोनों पैरों को अपने कंधो पर रख लिया और अपना 6 इंच का लंड उसकी चूत के खुले हुए मुहं पर रखकर अंदर की तरफ धकेलते हुए उसकी चूत के अंदर डालने लगे, जब पूरा अंदर गया तो पापा कस कसकर ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे और बूब्स को मसलते हुए उसके गुलाबी होंठो को भी चूस रहे थे।

    फिर मीना बड़े ही जोश में मज़े लेकर अपनी चुदाई करवा रही थी, वो अब सिसकियाँ ले रही थी और पूछ रही थी उफ्फ्फ्फ़ आईईईईई सब लोग कब तक आह्ह्हह्ह्ह्ह घर आ जाएगें? पापा बोले कि वो लोग शाम तक आ जाएगें, तभी वो कहने लगी कि फिर तो इसका मतलब यह है कि तुम आज स्सीईईईइ ऊउईईईइ दोपहर को भी मेरी चुदाई करोगे? थोड़ा धीरे करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है। अब पापा तुरंत जोश में बोले कि हाँ मेरी जान बिल्कुल तूने एकदम ठीक पहचाना। आज में तेरी चूत में हर समय अपना लंड डालकर तुझे चोदता रहूँगा। अब वो अपने दोनों हाथों से पापा को पीछे करने की कोशिश करने लगी, जिसको देखकर में तुरंत समझ गया था कि वो अब अपनी चुदाई कसकर जोरदार धक्कों के करवाना चाहती है जिससे वो दिन में और भी ज्यादा चुदाई के मज़ा ले सके। फिर पापा ने भी कसकर अपने लंड को उसकी चूत में धक्के मारने जारी रखा और करीब 20-25 मिनट के बाद पापा ने मीना की चूत से अपना लंड बाहर निकाला तो उसी समय मीना पापा से बोल पड़ी कि अभी दिन में भी हमें चुदाई करनी है और इस लंड का पानी बचाकर रखना। अब पापा ने मीना से कहा कि तुम्हे इस बात की बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है और तुम तो बस जैसा में कहूँ करती चली जाओ। फिर पापा ने मीना को अब घोड़ी बनाकर अपने लंड को उसकी चूत के डालकर उसकी चुदाई करना शुरू किया और वो ऐसा करने के लिए मना करने लगी, लेकिन पापा ने जबरदस्ती उसको घोड़ी बनाकर चुदाई कर दी और उसके तुरंत बाद पापा ने उसको कुतिया की तरह बेड पर झुकाकर उसको बहुत जमकर चोदा। अब पापा ने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर उसको अपनी गोद में बैठा लिया और अपने 6 इंच के लंड को उसकी चूत में डाल दिया जो सीधा उसकी बच्चेदानी से जा टकराया और अब मीना बड़ी खुश होकर उछल उछलकर अपनी चूत को वो खुद ही चोद रही थी और पापा उसके बूब्स को दबाकर उसके निप्पल को निचोड़ रहे थे। वो दोनों पूरे जोश में थे और मैंने उसी समय मौके का फ़ायदा उठाया और में कमरे में आ गया। उस समय वो दोनों ही उस चुदाई के चरम पर थे और पापा अचानक से मुझे अपने सामने देखकर डर से गये और उनके चेहरे का रंग बिल्कुल उड़ गया। तभी मैंने उनसे बोला कि पापा आज आप मीना को इतनी अच्छी तरह से जमकर चोदो जितनी अच्छी तरह से तुमने पिछली बार मधु की चुदाई की थी और वो तीन दिन तक ठीक तरह से चल भी नहीं पा रही थी और सही मौका पाकर में भी पापा के सामने नंगा हो गया और अपना लंड मैंने सीधा मीना के मुहं में डाल दिया जिसकी वजह से अब तो वो मेरे लंड को बड़े मज़े लेकर चूस रही थी और पापा कसकर उसे धक्के देकर चोद रहे थे।

    हम दोनों ने मिलकर उस समय मीना को करीब 30 मिनट तक नीचे ऊपर से धक्के देकर चोदा और वो भी हमारे साथ मज़े लेकर हमारा साथ देती रही। वो किसी अनुभवी रंडी की तरह हमारे लंड से मज़े ले रही थी। फिर कुछ देर धक्के देने के बाद पापा बहुत बुरी तरह से थककर अपनी जगह से हट गए और तब मैंने देखा कि अब मीना ठीक तरह से चल भी नहीं पा रही थी और फिर उसी समय मैंने मीना की चूत में अपना लंड डाल दिया और उसको अपनी गोद में उठा लिया और में उसको वैसे ही बाथरूम में ले गया। अब में उससे बात करते करते धक्के देते हुए उसकी चुदाई करता रहा। फिर मीना बोली कि सच में आज तो मुझे इस चुदाई में पहले से भी ज्यादा मज़ा आया और चुदाई का ऐसा सुख मुझे आज पहली बार मिला है। तुम दोनों ने उस चुदाई में अपनी पूरी ताकत लगा दी तुम दोनों बड़ी अच्छी चुदाई करते हो। फिर मैंने उससे कहा कि आज तुम्हे दोपहर को जरुर आना है, क्योंकि मेरा लंड अब तक तेरी चूत का प्यासा है, मैंने उसको अब दूसरे कमरे में अपने साथ लाकर नंगी लेटा लिया और में अपने लंड को उसकी चूत में डालकर हम दोनों अब आराम करने लगे। फिर दोपहर के करीब एक बजे वो उठकर कहने लगी कि मुझे अब अपने घर पर जाकर वापस भी आना है और इतना कहकर उसने उठकर अपने कपड़े पहन लिए और वो बाहर चली गई।

    दोस्तों कुछ घंटे आराम करने के बाद मीना दोबारा अपनी चुदाई करवाने चली आई। मैंने और मेरे पापा ने दिन में एक बार फिर से उसकी बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए, जिसमें उसने हमारा पूरा पूरा साथ दिया और बहुत मज़े किए। हम दोनों बहुत सारे नये तरीकों से उसकी चुदाई के मज़े लिए और उसने हर बार हमारा साथ दिया ।।

    धन्यवाद .


     
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