नौकर का लम्बा लौड़ा

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

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    हेलो, मेरा नाम मीना है, मैं अपनी पहली चुदाई की दास्ताँ लिख रही हु. उस समय मेरी उम्र १८ साल की थी. मेरे घर पर पप्पू नाम का एक नौकर रहता था. उसकी उम्र लगभग ४२ साल थी. वो देहात का रहने वाला था और बहुत ही ताकतवर था. उसका बदन किसी पहलवान जैसा था. मेरे मम्मी पापा उस पर बहुत विश्वास करते थे. जब कभी मेरे मम्मी पापा बाहर जाते, तो मुझे उसके साथ घर पर अकेला छोड़ जाते थे. एक दिन मेरे मम्मी पापा ४-५ दिनों के लिए बाहर चले गए. घर पर मैं और मेरा नौकर ही रह गये थे. शाम को उसने खाना बनाया और मुझे खिलाने के बाद खुद खाया. रात के ९ बज रहे थे. वो और मैं बैठकर टीवी देख रहे थे. कुछ देर बाद, मुझे नीद आने लगी और मैने टीवी बंद कर दिया. मैं अपने बेड पर सो गयी और वो हमेशा की तरह ही मेरे बेड के पास जमीन पर सोया. रात के २ बजे मैं बाथरूम जाने के लिए उठी, तो मेरी निगाह उस पर पड़ी. उसकी धोती हट गयी थी और उसका लंड धोती के बाहर निकला हुआ था. वो लगभग ९" लम्बा और बहुत ही मोटा था. वो गहरी नीद में सो रहा था और खर्राटे भर रहा था. मैं खुद को रोक नहीं पाई और बड़ी देर तक उसके लंड को देखती रही. मैने कभी इतना लम्बा लंड नहीं देखा था. मैं जवान तो थी ही, उसका लंड देख कर मुझे जोश आ गया और मैं मन ही मन उससे चुदवाने की ठान ली. मैं बाथरूम से वापस आ कर लेट गयी और सोचने लगी, कि उस से कैसे चुदवाया जाये. मेरे मन में एक ख्याल आया और मैं सो गयी. सुबह हुयी तो पप्पू ने मुझे जगा दिया और चाय बनाने चला गया. थोड़ी देर बाद उसने मुझे बेड टी ला कर दी. मैं चाय पीने के बाद फ्रेश होने चली गयी. बाथरूम से नहाकर निकलने के बाद, मै बाथरूम के बाहर ज़मीन पर लेट गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगी. मैने केवल एक टॉवल लपेटा हुआ था. पप्पू दौड़ा हुआ आया और मुझे देख कर बोला, क्या हुआ बेबी. मैने कहा -मैं नहा निकली तो मेरा पैर सरक गया और मैं गिर पड़ी. और अब मैं उठ नहीं पा रही हु. तुम मुझे सहारा दे कर बिस्तर तक ले चलो. पप्पू ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे सहारा दिया, लेकिन मैं खड़ी नहीं हो पा रही थी. वो मुझे गोद में उठाकर बेड पर ले जाने लगा, तो मेरी टॉवल नीचे गिर गयी और मैं एक दम नंगी हो गयी. वो मुझे उसी तरह उठा कर बेड पर ले गया. उसकी आँखों मैने एक चमक सी आ गयी. मैं समझ गयी, कि अब मेरा काम बन जायेगा. बेड पर लिटाने के बाद, उसने मेरी टॉवल मेरे ऊपर डाल दी और बोला - कहाँ चोट लगी है बेबी. मैने अपने घुटनों की तरफ इशारा कर दिया. वो जा कर आइओडेक्स ले आया और बोला - लाओ, दवाई लगा दू. मैने कहा - ठीक है, लगा दो. उसने मेरे घुटनों पर से टॉवल को ऊपर किया और मेरे घुटनों पर दवाई मलने लगा. उसके हाथ फेरने से मुझे जोश आने लगा. मैने कहा - थोड़ा और ऊपर भी लगा दो. वहां भी चोट लगी है. उसने मेरा टॉवल थोड़ा और ऊपर कर दिया और मेरी जांघो पर भी मालिश करने लगा. मैं और जोश में आ गयी. मैने देखा, कि वो एक हाथ से कभी-कभी अपने अपने लंड को भी मसल लेता है. उसको भी जोश आ रहा था. मालिश करते हुए वो धीरे-धीरे हाथ ऊपर की तरफ बढ़ाने लगा. मैं और ज्यादा जोश में आ गयी और अपनी आँखे बंद कर ली. वो अपने हाथो से मेरी चूत से केवल ४" की दुरी पर मालिश कर रहा था. मेरी चूत अभी भी टॉवल से ढकी हुई थी. मै उससे चुदवाना चाहती थी. इसलिए मैने कुछ नहीं कहा. वो धीरे-धीरे अपना हाथ और ऊपर की तरफ बढ़ाने लगा. थोड़ी ही देर में, मेरी चूत पर से टॉवल हट गया और वो मेरी चूत को निहार रहा था. मालिश करते हुए बीच-बीच में अपनी ऊँगली से मेरी चूत को भी टच करने लगा. उसका लंड धोती के अन्दर ;पूरी तरह से तन चूका था. थोड़ी देर तक वो मेरी चूत को ऊँगली से टच करता हुए, मेरी मालिश करता रहा, मैं पुरे जोश में आ गयी. मैने उसे रोका नहीं. उसकी हिम्मत और भी बढ़ गयी. उसने अपने दुसरे हाथ से मेरी चूत को सहलाना शुरू किया. मैने कहा - तुम ये क्या कर रहे हो? वो बोला - कुछ भी नहीं. मुझे ये अच्छा लग रहा था, इसलिए इसको छु कर देख रहा था मैने कहा - मुझे भी अच्छा लग रहा है. तुम ऐसे ही मालिश करते रहो. थोडा उस पर मालिश कर देना. वो समझ गया और बोला - ठीक है बेबी. वो अपने एक हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगा और अपने दुसरे हाथ से मेरी जांघो पर मालिश कर रहा था.मेरे मुह से सिसकारी निकलने लगी. मैं एकदम मस्त हो गयी और मैने उसे रोका नहीं. उसकी हिम्मत और भी बाद गयी और उसने कहा - तुम्हारा बदन बहुत खुबसुरत है. मै देखना चाहता हु. मैने कहा - देख लो. उसने मेरी बदन पर से टॉवल हटा दी और मैने कुछ नहीं बोली. अब मैं बिलकुल नंगी थी और पप्पू एक हाथ से मालिश कर रहा था और दुसरे हाथ की ऊँगली को मेरी चूत में डालकर अन्दर-बाहर कर रहा था. मैं जानती थी, की वो एक मर्द है और अपने सामने एक नंगी और क्वारी लड़की को देखकर ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं कर पायेगा. वो मुझे चोदेगा पर मैं उससे चुदवाना भी चाहती थी. थोड़ी देर बाद, उसने अपनी ऊँगली मेरी चूत से निकाली और मेरी चुचिया मसलने लगा. मैं कुछ नहीं बोली. उसने मालिश करना छोड़ और अब अपने दुसरे हाथ की ऊँगली को मेरी चूत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा. थोड़ी ही देर में मेरी चूत से पानी निकल पड़ा. उसने अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटना शुरू किया. मैं अब जोश से एकदम बेकाबू हो रही थी. वो मेरी चूत को चाटने लगा. उसका एक हाथ मेरी चुचियो पर था और वो उसे मसल रहा था. मेरे मुह से सिकरिया निकलने लगी. कुछ देर तक मेरी चूत को चूसने के बाद, वो हट गया और अपनी धोती खोलने लगा. धोती खुलते ही उसका मोटा और लम्बा लंड बाहर आ गया. उसने अपना कुरता भी उतार दिया. अब वो बिलकुल नंगा था. वो मेरे करीब आ गया और अपना लंड मेरे मुह के पास ले आया. मैने एकदम जोश में, बिना कुछ कहे ही उसके लंड पर अपनी जीभ फिरानी शुरू कर दी. वो आहे भर रहा था. मै उसका लंड मुह में लेकर चूसने लगी. उसका लंड बहुत मोटा था और मेरे मुह में थोडा सा ही गया. वो बोला - बेबी, चुसो इसे. मैं उसका लंड चूसने लगी. थोड़ी देर तक चूसने के बाद उसका लंड एकदम टाइट हो गया. उसने अपना लंड मेरे मुह से निकाल लिया और मेरे पैरो के बीच आ गया. मैं समझ गयी की अब मेरे मन की मुराद पूरी होने वाली है. लेकिन, मैं उसके लंड का साइज़ देखकर डर भी रही थी. उसने मेरे चूतड़ के नीचे २ तकिये लगा दिए. मेरी चूत एकदम ऊपर उठ गयी उसने मेरी टांगो को पकड कर फैला दिया. अब उसने अपने लंड की टोपी को मेरी चूत के बीच में रखा और धीरे-धीरे अन्दर दबाने लगा. मुझे दर्द होने लगा. मेरे मुह से चीख निकल गयी. वो बोला थोडा बर्दाश्त कर लो बेबी, अभी कुछ देर तुम्हारा दर्द कम हो जायेगा और तुम्हे खूब मज़ा आने लगेगा. वो अपना लंड मेरी चूत में धीरे-धीरे घुसाने लगा. मैं फिर से चिल्लाने लगी और वो रुक गया. थोड़ी ही देर में, जब मैं शांत हुई तो उसने अपना लंड मेरी चूत में बिना डाले मुझे चोदने लगा. थोड़ी ही देर में, मुझे मज़ा आने लगा और आहे भरने लगी. उसने जब देखा, कि मुझे मज़ा आने लगा है; तो उसने एक बार और जोर से धक्का मारा. मैं फिर से चीख उठी. उसका लंड मेरी चूत में थोडा और अन्दर घुस गया था. वो उतना ही लंड डालकर मुझे चोद रहा था. थोड़ी देर बाद, और जब मैं फिर से शांत होती तो जोर का धक्का मार देता और उसका और थोडा लंड मेरी चूत में घुस जाता. १०-१५ मिनट तक चोदने के बाद ही, वो मेरी चूत में झड़ गया. इस बीच मैं भी २ बार झड़ी. उसका लंड अभी तक मेरी चूत में केवल ६" तक ही घुसा हुआ था और ३" अभी तक बाकी था. उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरे मुह के पास कर दिया. मैं उसे चुस रही थी. थोड़ी ही देर में, उसका लंड फिर से तन गया. उसने मुझे अब घोड़ी की तरह कर दिया और मेरे पीछे आ गया. उसने मेरी चूत को फैला कर बीच में अपने लंड को फसा दिया और बोला - अभी तक मैंने तुम्हे बहुत आराम के साथ चोदा है. अब तुम कितना भी चिल्लाओ, मैं कोई परवाह नहीं करूँगा. उसने मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया और एक जोरदार धक्का मारा, तो उसका आधा लंड मेरी चूत में घुस गया. मैं चिल्लाने लगी. लेकिन उसने मेरी कोई परवाह नहीं की और बहुत ही ताकत के साथ धक्का मारने लगा. मेरी चूत मैं बहुत तेज दर्द होने लगा. मै पसीने से एकदम टार हो गयी. वो रुका नहीं और पूरी ताकत के साथ मेरी चुदाई शुरू कर दी. थोड़ी ही देर बाद उसने अपना पूरा का पूरा ९" लम्बा लंड मेरी चूत के अन्दर घुसा दिया. फिर वो २ मिनट के लिए रुका और बोला - अब जाकर तुम्हारी चूत ने मेरा पूरा लंड खाया है. अब मैं इसे चोद-चोद कर एकदम ढीला कर दूंगा. २ मिनट तक रुके रहने के बाद उसने अपने हाथ से मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया और मेरी चुदाई करने लगा. मुझे अभी भी बहुत दर्द हो रहा था. लगभग १० मिनट की चुदाई के बाद मेरा दर्द कुछ कम हुआ और मुझे मज़ा आने लगा. वो मुझे बड़ी बेदर्दी से चोद रहा था. लगभग ३० मिनट की चुदाई के बीच में ४ बार झड़ चुकी थी. पर वो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था. वो अभी झड़ा नहीं था. उसने अपना लंड बाहर निकाला और मेरी गांड के छेद पर रख दिया. मै डर के मारे कांपने लगी. मैने उससे बहुत मिन्नत की, मेरी गांड को छोड़ दे. लेकिन वो नहीं माना. उसका लंड मेरी चूत के पानी से एकदम गीला था. उसने मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया. मैं दर्द से तड़पने लगी, लेकिन वो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था. वो बोला, अब मैं तुम्हारी गांड के छेद को भी चौड़ा कर दूंगा. मैं चिल्लाती रही और वो मेरी गांड में अपना लंड घुसाता रहा. ५ मिनट की कोशिश के बाद आखिर उसने अपना ९" का पूरा लंड मेरी गांड में घुसा ही दिया. मैं अभी भी चिल्ला रही थी, लेकिन तो रुक ही नहीं रहा था. बल्कि और तेजी के साथ अपने लंड को मेरी गांड में अन्दर-बाहर कर रहा था. उसने लगभग २० मिनट तक मेरी गांड मारी, लकिन वो झड़ा नहीं. मैने पूछा - और कितनी देर चोदोगे, मुझे? वो बोला - मेरी उम्र ४२ साल है. मैंने बहुत चुदाई की है. मेरा दुबारा इतनी जल्दी झड़ने वाला नहीं है. अभी तो मैने तुम्हे लगभग ४५ मिनट ही चोदा है और लगभग ३० मिनट और चोदुंगा. तब जाकर मेरे लंड से पानी निकलेगा. मैं घबरा गयी. मैने कहा - तुम अब रहने ही दो. बाद में अपनी इच्छा पूरी कर लेना. वो नहीं मना और उसने अपना मेरी गांड से बाहर निकाला और वापस मेरी चूत में घुसा दिया. चूत में लंड घुसाने के बाद, उसने बहुत तेजी के साथ झटके के साथ मेरी चुदाई करने शुरू कर दी. ५ मिनट के बाद, उसने मेरी चूत से लंड को निकलकर वापस मेरी गांड में डाल दिया और चोदने लगा. वो इसी तरह वो हर ५ मिनट मिनट के बाद मेरी चूत और गांड की बारी-बारी चुदाई कर रहा था. लगभग २५-३० मिनट तक इसी तरह चोदने के बाद, वो बोला - मैं अब झड़ने वाला हु. तुम बताओ, की मेरे लंड का पानी कहाँ लेना चाहती हो, अपनी चूत और गांड में. मैने कहा - तुम मेरी गांड में ही पानी निकाल दो, चूत में पानी तुम पहले भी निकाल चुके हो. उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर वापस मेरी गांड में डाल दिया और मेरी गांड मारने लगा. उसके झड़ने का वक्त नजदीक आ गया था और वो अब एक तूफ़ान की तरह मेरी गांड में अपना लंड अन्दर बाहर कर रहा था. थोड़ी ही देर में, उसके लंड से पानी निकलना शुरू हुआ और मेरी गांड एकदम भर गयी. पानी निकल जाने के बाद वो हट गया. मेरी चूत और गांड कई जगह से कट गयी थी. बिस्तर पर भी ढेर सारा खून लगा था. मेरी चूत एकदम डबल रोटी की तरह सूज गयी थी. मेरी चूत और गांड में बहुत दर्द हो रहा था. लेकिन, मुझे जो मज़ा इस चुदाई से मिला उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं था. उसने कहा तुम्हारी चूत में दर्द बहुत हो रहा होगा, तो मैने अपना सिर हाँ में हिला दिया. वो किचन से पानी गरम करके ले आया और मेरी चूत को सेंकने लगा और बोला - इससे दर्द कम हो जायेगा. कुछ देर सेंकने के बाद, मेरा दर्द बहुत हद तक कम हो गया. अब तक सुबह हो चुकी थी. मैं बाथरूम जाना चाहती थी. पर उठ नहीं पा रही थी, मैने उससे कहा - मैं बाथरूम जाना चाहती हु. लेकिन उठ नहीं पा रही हु. वो मुझे गोद में उठाकर बाथरूम ले गया. मैने उससे कहा - तुम बाहर जाओ, मुझे नहाना है. वो बोला - मुझे भी नहाना है. हम दोनों साथ ही नहाते है. उसने मेरे सारे बदन पर साबुन लगाया और अपने बदन पर भी. नहाने के बाद, मुझे गोद में ही उठाकर बिस्तर पर ले आया. वो मेरे बदन को देखने लगा. मेरे बदन की खुशबु की खुशबु उस से बर्दाश्त नहीं हुई और वो फिर से जोश में आ गया. उसका लंड फिर तन गया, तो मैं घबरा गयी. उसने मेरे मना करने के बाद भी मुझे घोड़ी बनाकर फिर से मेरी चुदाई शुरू कर दी. इस बार उसने केवल मेरी चूत की ही चुदाई की. उसने उस बार मुझे लगभग ११/२ घंटे तक चोदा. तब कहीं जाकर उसके लंड से पानी निकला. इस दौरान, मैं ४ बार झड़ चुकी थी. चुदाई ख़तम होने के बाद, मैने उससे कहा - मैं चल नहीं पा रही हु. मेरे मम्मी पापा आयेंगे, तो क्या जवाब दूंगी. वो बोला - तुम पहले नाश्ता कर लो, मैं अभी बाज़ार से दवा ले आता हु. कुछ देर बाद हमने नाश्ता कर लिया. १ घंटे के बाद वो एक क्रीम ओर कुछ गोलिया ले आया. उसने मुझे दावा खिला दी और मेरी चूत पर क्रीम लगा दी. क्रीम लगाने के बाद, वो खाना बनाने चला गया. १ घंटे के बाद, मेरा सारा दर्द ख़तम हो गया. खाना बन जाने के बाद, उसने मेरी थाली में मेरे साथ ही खाना खाया. रात हुई, तो उसने मुझे फिर से चोदना शुरू किया. इस बार वो रुक कर मुझे चोद रहा था. जब वो झड़ने वाला होता था, तो हट जाता था और कुछ देर आराम करता. थोड़ी देर आराम करने के बाद वो फिर से मुझे चोदने लगता. इसी तरह वो बिना झड़े मुझे पूरी रात चोदता रहा. सुबह को ही उसने अपनी चुदाई पूरी की और मेरी चूत में झड़ गया. पूरी रात में, मैं ८ बार झड़ी थी. मम्मी पापा के आने तक उसने मुझे ६ बार चोदा. मैं जब कुछ दिनों बाद अपने एक बॉयफ्रेंड से चुदवाया, तो मुझे मज़ा तो आया; लेकिन पप्पू की चुदाई जैसा नहीं. मेरा बॉयफ्रेंड मुझे १०-१५ ही चोदने के बाद झड़ गया. अब मैं पूरी तरह समझ गयी, कि ६ बार की चुदाई नये और जवान लडको से २४ बार चुदवाने के बराबर भी नहीं थी. मुझे आज भी ४०-४५ साल के मर्दों से ही चुदवाने मै मज़ा आता है. लडको से चुदवाने में, मुझे वो मज़ा मुझे कभी नहीं मिलता.
     
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