दोनों भाइयों ने मुझे दुल्हन बना कर मनाया सुहागरात

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

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    http://raredesi.com Bhai Behan Sex Story : सभी लंड वाले मर्दों के मोटे लंड पर किस करते हुए और सभी खूबसूरत जवान चूत वाली रानियों की चूत को चाटते हुए सभी का मैं स्वागत करती हूँ। अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी मित्रो तक रही हूँ। ये मेरी पहली स्टोरी है। इसे पढकर आप लोगो को मजा जरुर आएगा, ये गांरटी से कहूंगी।

    मेरा नाम शिवानी है। मैं 22 साल की हूं। मैं अमृतसर में रहती हूं। मैं बेहद खूबसूरत हूं। मेरे को देखकर सबका मन बिगड़ जाता था। यहां तक कि मेरे भाई का भी मन बिगड़ गया। मेरे सगे भाई भी मेरे हुस्न के दीवाने हो गए। मेरे दोनों बड़े बड़े मम्मो ने उन्हें अपनी तरफ आकर्षित कर लिया। जब मैं चलती थी तो मेरे भाइयों की निगाह मेरी गांड पर ही होती थी। वह दोनों मेरे को अपनी गर्लफ्रेंड बनाकर रखना चाहते थे। मेरे को देखकर वो दोनों सिर्फ आहे ही भर सकते थे।

    मेरे बड़े भाई का नाम विक्की और छोटे भाई का नाम मुन्नू था। विक्की मेरे से 5 साल का बड़ा और मुन्नू 3 साल का बड़ा था। वो दोनो देखने में एक ही साइज के लग रहे थे। उनको देख कर लगता था। कि यह दोनों जुड़वा बच्चे हैं। हर काम को वह दोनों एक साथ मिलकर करते थे। मेरे घर में उन दोनों के अलावा मेरी मम्मी और पापा थे। मेरे दोनों भाई और मम्मी-पापा मेरे को बहुत ज्यादा प्यार करते थे। मैं धीरे-धीरे बड़ी हुई मेरी जवानी का निखार भी बढ़ता गया। जो कि मेरे भाइयों से बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी। मैं जहां जहां भी जाती वह दोनों मेरे पीछे-पीछे गार्ड की तरह लगे रहते थे। मेरे को कभी अपनी जवानी का मजा लूटने का मौका ही नहीं मिला। ईश्वर की बनाई हुए इस खूबसूरत बदन का रस किसी ने छुआ तक नहीं था। मेरे को क्या पता था कि मेरे इस कच्ची कली जैसी जवानी का मजा रखवाली करने वाले माली ही लेंगे। मैं भाइयों के साथ में ही पढ़ी-लिखी खेली कूदी बड़ी हुई थी। वो दोनो बचपन से ही मेरे को अपने पास लिटाते थे। पापा ने हम तीनों के लिए एक बड़ा सा बेड बनवा रखा था।

    जिस पर मेरे एक साइड में मेरा बड़ा भाई विक्की और दूसरी साइड में मेरा छोटा भाई मुन्नू लेटता था। मैं उनके बीच में राजकुमारी की तरह लेटती थी। वो दोनों कभी-कभी मेरे ऊपर पैर रख कर सो जाते थे। लेकिन मुझे बुरा नहीं लगता था। मेरे बड़े भाई विक्की की बॉडी बहुत ही आकर्षक लग रही थी। वह जिम जाया करता था। लेकिन मेरे छोटे भाई मन्नू की बॉडी उतनी ही ढीली थी।

    देखने में ज्यादा भद्दा तो नहीं लगता था लेकिन उसकी बॉडी पतली थी। मेरे मन में अब अजीब अजीब तरह के ख्याल आने लगे थे। मेरा मन भी चुदने को कर रहा था। लेकिन भाई कभी बाहर जाने का मौका ही नहीं देते थे। मैं घर पर सिर्फ उन दोनों के अलावा और किसी के साथ रहे भी तो नहीं सकती थी। जब भी मेरे को कहीं बाहर जाना होता था तो मैं किसी एक के साथ जाती थी। मैंने सोचा क्यों ना दूसरे लड़कों की तरह अपने भाइयों से यह अपनी चूत फड़वा लू। यह काम मेरे को ऐसा लग रहा था जिस तरह मैं खुद को गर्म करके कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। उसी तरह मेरे पास भी खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे। मैं अक्सर उन दोनों का चादर ऊपर नीचे ऊपर नीचे होता देखती थी। रात भर मैं उनके बीच अपनी चूत में उंगली डाले लेटी रहती थी। एक दिन मम्मी पापा को बाहर किसी काम से जाना था। वो लोग 5 दिन बाद आने वाले थे। मैंने सोचा क्यों ना इसी बीच अपने भाइयों से चुदवा लूं। लेकिन मेरे से पहले तो मेरे भाई ही मेरे को चोदने का प्लान बना रहे थे। मैं दरवाजे के पास खड़ी सब कुछ सुन रही थी।

    बिक्की: यार शिवानी की तो जवानी हर रोज अपना रंग बदलते ही जा रही है। जी करता उसे अभी के अभी चोद डालूं

    मुन्नू: सच भाई अगर वह अपनी बहन ना होती तो मैं उसे काट खाता! मैं उसे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह चोदता लेकिन साला यह भाई बहन की दीवार बीच में आकर रोक लेती है

    विक्की: भाई कल मैंने उसके बड़े बड़े मम्मो को छुआ था। वो मेरे को बहोत हो सॉफ्ट लग रहे थे

    मुन्नू: तूने शिवानी के मम्मो को छू लिया। मै भी आज उसके मम्मो को छू कर मजे लूंगा

    विक्की: ठीक है आज तू उसके मम्मो को छूना मैंने तो कुछ और करने को आज सोचा है

    मुन्नू: हम लोग पांच दिन तक तो मजा ले लेंगे। मम्मी पापा आ जायेंगे तो हमें कुछ भी नहीं करने को मिलेगा

    विक्की: शिवानी के मम्मी पापा को सब सच-सच बता ना दे

    मुन्नू: शिवानी को पता चलेगा तब ना हम लोग उसके सोने के बाद यह सब करेंगे

    मैं भी रात होने का इंतजार करने लगी। शाम को मैंने खाना बनाया। हम तीनो ने मिलकर खाना खाया हर दिन की तरह आज भी मैं बिस्तर पर पड़ी हुई थी। मेरे दाएं साइड में विक्की और बाए साइड में मुन्नू आकर लेट गया। दोनों हाथ मेरे को घूर घूर कर देख रहे थे वो मेरे सोने का इंतजार ही कर रहे थे। आज मेरे को नींद ही नहीं आ रही थी। मैंने अपना सर तकिए से ढक लिया कुछ देर तक ऐसे लेटे रहने पर उन दोनों को लगा कि मैं सो गई हूं दोनों ने मेरे को कई बार जगाकर कंफर्म किया। कि मैं सो रही हूं या जग रही हूं। एक बार बार मेरे को बुलाते लेकिन मैंने एक भी बार उनका जवाब नहीं दिया।

    विक्की: भाई लगता है अपना काम हो गया शिवानी सो गई

    मुन्नू: ठीक है भाई फिर हम लोग अपने काम पर लग जाते हैं

    हम तीनो लोग रात को सोते समय लोवर और टी-शर्ट ही पहनते थे। मुन्नू मेरा हाथ पकड़ कर मेरे को सीधा लिटा दिया। अपने हाथों को मेरे मम्मों पर रखकर वह मेरे मम्मी को जोर जोर से दबाने लगा मैं गर्म होने लगी।

    तभी विक्की ने अपना हाथ मेरे लोवर के अंदर डाल दिया। मेरी पैंटी के नीचे से अपना हाथ करते हुए मेरी चूत को छूने लगा। बहुत ही ज्यादा गर्म होने लगी मेरे से रहा नहीं गया। मैंने अपनी आंखें खोल दी मेरी आंखों के खुलते ही वह दोनों चौक गए। ब्लू जल्दी से अपना हाथ मेरे दूर से हटा लिया। विक्की भी डर के मारे काँपता हुआ अपना हाथ जल्दी से मेरे लोवर से निकाल लिया।

    मै: भाई लोग आप क्या कर रहे थे??

    विक्की: शिवानी मेरे को थोड़ा इंजॉय करने का मन कर रहा था। तो मैं तुम्हारी पैंटी के अंदर हाथ डालकर थोड़ा मजा ले रहा था

    मुन्नू: मैंने तुम्हारे बूब्स को छुआ तो मेरे को सॉफ्ट सॉफ्ट लगा तो मैं दबा कर मजे लेने लगा

    मैं: ऐसा करके मेरे साथ तुम दोनों ने जो किया उसका क्या?? तुमने मेरी चूत में ऊँगली करके मजा लिया और मुन्नू तू भी बूब्स दबा कर मजा ले लिया। तुम लोगो को पता भी होना चाहिए मेंरा मन भी ऐसे मजे लेने को करता है

    विक्की: ठीक है तो तू भी जैसे चाहे वैसे मजे ले सकती है। लेकिन ये बात हम तीनों के अलावा और किसी को पता नही चलनी चाहिए

    मैंने अपना सर हिलाते हुए हैं हाँ बोला। वो दोनों अब कुछ भी करने से डर रहे थे। मेरी चूत में आग लगाकर वो दोनो सरेंडर हो गए। मै भी कुछ ज्यादा नहीं कर पा रही थी। हम तीनों लोग यही सोच रहे थे की पहले शुरुवात कौन करे! वो दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे। मै अकेली ही इधर उधर देख रही थी। वह दोनों सेक्सी सेक्सी बातें करने लगे। मैं एक बार फिर से गर्म होने लगी। जैसे ही उन दोनों ने सेक्सी बातें करना शुरू किया। मेरा हाथ उन दोनों के लंड की तरफ बढ़ने लगा। मेरे को भी लंड छूने की बड़ी ही उत्तेजना होने लगी। मेरी जवानी के मजे लूटने को दोनों फिर से तैयार होने लगे।

    तभी अचानक से मुन्नू दरवाजे से बाहर गया। कुछ देर बाद वापस आते ही उसके हाथ में सरसों का तेल दिखाई दिया। उसने दरवाजे को बंद किया। मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि सरसो का तेल क्यों लेकर आया है। तभी विक्की ने मेरे को अपनी तरफ खींचा। मेरे को अपने बाहों में भर कर प्यार करने लगा। मेरे को बहोत ही अच्छा लग रहा था। उसका एक हाथ लोवर के अंदर था। वह मेरे को किस करने लगा मैं भी उसका साथ देने लगी हम दोनों जोर जोर से किस करने लगे तभी पीछे से आकर मुन्नू अपना पैर मेरे गांड के ऊपर रख दिया। वो पीछे से मेरे दोनों मम्मो को पकड़ कर जोर जोर से दबाकर मजे लेने लगा। उन दोनों के बीच में दो चक्कियों के बीच में गेहूं की तरह पिस रही थी।

    मुन्नू का लंड मेरी गांड के ऊपर चुभ रहा था। उधर बिक्की अपने हाथो से अपना लंड लोवर के अंदर ही हिला रहा था। मेरे को लंड देखने का मन करने लगा। मेरा सर विक्की की तरफ था। मुन्नू को मैं नहीं देख सकती थी। सिर्फ उसजे क्रियाकलाप को महसूस कर रही थी। मेरी गांड में अचानक से गरमा गरम लोहे के रॉड जैसा मुन्नू कुछ लगाने लगा। मेरे को गांड पर उसकी गर्माहट का एहसास बहोत ही अच्छा लग रहा था। विक्की मेरी टांगों में अपनी टांगों को फंसा कर मेरे गले पर किस करने लगा। धीरे धीरे वह नीचे की तरफ बढ़ने लगा मुन्नू ने पीछे से मेरी टी शर्ट को ऊपर की तरफ उठा कर निकाल दिया। मैं सिर्फ ब्रा में हो गई मुन्नू मेरे पीठ पर और विक्की मेरे गले पर किस कर रहा था।

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    मेरे बड़े-बड़े चूचे साफ साफ दिखाई दे रहे थे। मुन्नू ने मेरी ब्रा की हुक को खोल कर निकाल दिया मेरे दोनों बूब्स आजाद हो गए दोनों ने मेरे को सीधा लिटा दिया। मैं चित लेटी थी दोनों ने मेरे बूब्स को पकड़ कर दबाने लगे मैं खुद को रोक नहीं पा रही थी। जोश में आकर मैं अपने होठों को काटने लगी हो उन दोनों का सर पकड़ कर मैं जोर-जोर से अपने मम्मो में दबाने लगी। वो दोनों मेरे भूरे निप्पलों पर अपना मुह लगाकर दूध को पीने लगे।

    मै दोनों के बालो को पकड़ कर खींच रही थी। दोनों आने दांतो को मेरे बूब्स में लगा रहे थे। मैं "हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ..ऊँ-ऊँ.ऊँ सी सी सी सी. हा हा हा.. ओ हो हो.."सिसकारियां भर रही थी। दोनो मेरे मम्मो को निचोड़ कर मजे ले रहे थे। अचानक से मेरी चूत के अंदर कुछ घुसता हुआ महसूस हुआ। मैंने देखा तो मुन्नू अपनी अँगुलियों को मेरी चूत में घुसा रहा था। हम तीनों ने अपने अपने कपडे को निकाल कर नंगे हो गए। वो दोनों अपने अपने लंड को पकड कर

    हिलाने लगे। दोनों के लंड की खाल उसके टोपे के ऊपर नीचे कर के अपना लाल लाल सुपारा दिखा रहे थे। मेरे को ये देखकर बहोत ही मजा आ रहा था। मैंने दोनों के लंड को पकड़ कर ऊपर नीचे करना शुरु कर दिया। विक्की ने पास में रखे सरसो के तेल को अपने लंड पर लगवा कर मालिश करवाने लगा। मैंने दोनों के लंड को मालिश करके मोटा कर दिया। देखने में मुन्नू ज्यादा तंदुरुस्त तो नहीं था लेकिन उसका लंड विक्की से बड़ा लग रहा था। मैं दोनों के लंड को मसलती ही जा रही थी। कुछ देर तक ऐसा करने के बाद उन दोनों ने अपना लंड मेरे मुंह में लगाना शुरु कर दिया मैं उनके लंड को चूसने लगी वह दोनों मेरे को बारी-बारी अपना लंड चुसाने लगे। मुन्नू ने मेरे को बिस्तर पर लिटाकर लंड चुसाने लगा। दूसरी तरफ विक्की मेरी पैंटी को निकालकर टांगों को खोल कर मेरी चूत के साथ खेलने लगा। वह मेरी चूत में अपना जीभ लगा लगा कर चाटने लगा।

    मेरी मुह से सिसकारियों की गूंजे निकलने लगी। मै "उ उ उ उ उ..अअअअअ आआआआ. सी सी सी सी... ऊँ-ऊँ.ऊँ.." की आवाज निकाल कर सुसुक रही थी। विक्की मेरी चूत के दाने को काट काट कर मेरी चूत की आग में घी डालने का काम कर रहा था। इधर मुन्नू भी अपना लंड मेरी मुंह में डालें आवाजों को भी नहीं निकलने दे रहा था तभी विक्की अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। मैं अब तो सिस्कारियां भी नहीं भर सकती थी। विक्की मेरी चूत में अपना लंड धक्के मार कर घुसा रहा था। मेरी चूत में उसने अपना आधा लंड घुसा दिया। मैं जोर से चीख पड़ी मुन्नू ने जल्दी से अपने लंड को मेरे मुंह से निकाल लिया। वरना मै दर्द की तडप से उसका लंड काट सकती थी।

    मै जोर जोर से "..मम्मी.मम्मी...सी सी सी सी.. हा हा हा ...ऊऊऊ ..ऊँ. .ऊँ.ऊँ.उनहूँ उनहूँ.."

    की चीखें निकालने लगी। धीरे-धीरे करके विक्की ने अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। कुछ देर तक उसने धीरे धीरे मेरी चुदाई की बाद में उसने अपने लंड को स्पीड पकड़ा दी। उसका लंड तेजी से मेरी चूत में घुसकर बाहर निकले लगा विक्की मेरी चूत चोद रहा था। मुन्नू मेरे मुंह में अपना लंड घुसा कर अंदर बाहर करना शुरु कर दिया। दोनों मेरे को चोद रहे थे मैं बहुत परेशान हो रही थी।मेरे भाई ने मेरी चूत फाड़ डाली थी। मैं अपनी फटी चूत चुदवा रही थी। मेरी चूत का दर्द धीरे-धीरे आराम होने लगा दर्द आराम होते ही विक्की और जोर-जोर से जड़ तक अपना लंड शुरु किया। मेरी "आऊ...आऊ..हम ममम अहह्ह्ह्हह.सी सी सी सी..हा हा हा.."की चीखों से पूरा कमरा भर गया।

    मुन्नू को भी मेरी चूत में अपने लंड को घुसाने को पड़ी थी। उसने विक्की को मेरी चूत से लंड निकालने को कहा। विक्की ने एक मौका मुन्नू को भी दे दिया। मुन्नू भी मेरी चूत पर अपना लंड रगड़कर अंदर डाल दिया। मुन्नू देखने में ही दुबला पतला था लेकिन चोदने में बहोत ही माहिर था। वो अपनी कमर उठा उठाकर जल्दी जल्दी से मेरी चूत चोद रहा था। वो मेरे हवस को कंट्रोल कर रहा था। दोनों बारी बारी मेरे साथ सम्भोग कर रहे थे। मेरी चूत दोनों का लंड खा रही थी। विक्की ने मेरे को उठा लिया। उसने जोर जोर से मेरे को उछाल कर चोदना शुरू किया। वो बाहुबली की तरह लगता था। मेरे को वो छोटे बच्चे की तरह अपनी गोंद में उठा कर चुदाई कर रहा था।

    मै: भैया धीरे धीरे चोदो बहोत दर्द हो रहा है

    विक्की: बहना तेरे को चोदने की तड़प आज मिटा लेने दे। आज तेरे को चोदने का सपना पूरा हुआ

    तभी मुन्नू बोला।

    मुन्नू: अरे भाई मेरे को भी मौक़ा दो। मै खड़े खड़े लंड हिला रहा हूँ

    मेरे को विक्की ने नीचे उतार दिया। मुन्नू बिस्तर पर लेटकर मेरी चूत पर लंड सटाकर अपने लंड पर बिठा लिया। उसका बम्बू जैसा लंड मेरी चूत में घुस गया। उसके लंड पर उछल के चुदवा ही रही थी। की पीछे से विक्की ने मेरी गांड के छेद पर अपनी उंगली लगा दी। मैंने अपनी गांड को उठा दी। तभी मेरी चूत में मुन्नू अपनी कमर को उठा उठा कर चोदने लगा। विक्की ने मेरी गांड पर अपना लंड रगड़ा और धीरे धीरे करके पूरा लंड घुसा दिया। मैं जोर जोर से चीखने लगी। मेरी "..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ..अअअअअ..आहा .हा हा हा" की चीखों को सुनकर वो दोनों और भी ज्यादा तेजी से पेलने लगे। मुन्नू की स्पीड अचानक से बहोत तेज हो गयी। मेरी चूत में वो फुल स्पीड से लंड डालकर चुदाई लार रहा था।

    मेरी चूत से टप टप करके मेरा माल निकलने लगा। इधर बिक्की भी जोर की गांड चुदाई करके अपना माल निकालने वाले था। मेरे मुह में उसने अपना लंड घुसाकर जोर जोर से मुठ मार कर पूरा माल गिरा दिया। उसके सारे माल को चाट पोंछकर पी गयी। हम तीनों बिस्तर पर लेट गए। उस रात मेरे भाइयो ने पूरी रात जागकर कई बार चोदा। अब मेरे बड़े भीं विक्की की शादी हो चुकी हैं। वो भाभी के साथ मजा करता है। मुन्नू अब भी मेरे को चोदता है। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

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