जीजा की छोटी बहन की सील तोड़ी

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

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    http://raredesi.com जीजा की छोटी बहन की सील तोड़ी

    seal tudai ki kahani

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    हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं उम्मीद करता हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे और अपनी लाइफ को अच्छे से जी ही रहे होगे | आप लोगो चुदाई करना तो पसंद ही करते होगे अगर आप लोग चुदाई करना पसंद करते हो तो चुदाई का मज़ा तो ले ही रहे होगे | दोस्तों मैं आप सभी की तरह सेक्सी कहानी पढता काफी समय से आ रहा हूँ और मुझे सेक्सी कहानी पढना बहुत पसंद है | मैं जब कहानी पढता हूँ तो मेरे मन को बहुत ख़ुशी मिलती हैं | मैं आज जो कहानी आप लोगो के सामने पेश करने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है | मैं चुदाई तो बहुत लड़कियों की है पर मुझे जो मज़ा इस चुदाई में आया था वो किसी चोदाई में नही | मैं कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा नाम प्रताप है और मैं अभी 12 वीं में पढता हूँ | मेरी उम्र 20 साल है और मैं दिखने में बहुत गोरा हूँ | मेरी हाईट भी ठीक ठाक था जिससे मैं स्मार्ट भी लगता हूँ | मैं जो अब कहानी प्रस्तुत करने जा रहा हूँ मैं आप लोगो से आशा करता हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आएगी और इस कहानी को पढने में मज़ा तो खूब आएगा |

    जिस दिन मेरी दीदी की शादी थी | उस दिन जीजा जी के घर के सब लोग आये थे और उनकी छोटी बहन आकांशा भी आई थी | उस दिन जब मैंने आकांशा को देखा तो देखता ही रह गया | वो उस दिन ब्लैक कॉलर की ती शर्ट और जींस पहन रखी थी | वो मुझे उस दिन इतनी अच्छी लग रही थी की मेरी नज़ारे उस पर से हट ही नही रहीं थी | वो दिखने में बहुत सेक्सी लग रही थी | मुझे उससे पहली नज़र वाला प्यार हो गया था | मैं जब जीजा जी के पास जाता तो मैं उसे ही देखता पर वो मेरी तरफ देखती ही नही थी | मैं उस रात उसके आगे पीछे चक्कर लगता रहा जिससे वो कुछ घंटो बाद मेरी तरफ देखकर स्माइल दी | जब उसने मुझे देखकर स्माइल दी तो मुझे बहुत अच्छा लगा | मैं उस रात उसको प्रपोज करने का पक्का इरादा कर लिया | फिर जब सब कार्यक्रम ख़त्म हो गए तो मैंने उसे बात करने के लिए कहा तो वो बोली बोलो तो मैंने उससे कहा यहाँ नही अकेले में कुछ बात करनी है | उस रात जब वो मुझसे मिलने आई तो मैंने उससे डरते डरते बता दिया की मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ | वो मेरे मुंह से ये बात सुनकर कुछ देर बाद बोली मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ और तब से करती हूँ जब तुम पहली बार मेरे घर गए थे | मैं उसके मुंह से ये बात सुनकर उसे अपनी बाँहों में भर लिया और वो मुझसे लिपट गयी | जब मैंने उसे अपनी बाँहों में भर लिया तो उसके बड़े बूब्स बीच में दब गए | जब उसके बड़े बूब्स मेरे से टच हुए तो मेरे अन्दर करंट लग गया | उसके बूब्स कपडे के ऊपर से इतने चिकने लग रहे थे तो अन्दर कितने सॉफ्ट होंगे | मैं उस रात उसके साथ ऐसे ही कुछ देर तक बात करने के बाद मैं घर चला गया और वो अपने भाई के पास जाकर बैठ गयी | फिर सुबह हुई और जो शादी की रस्मे थी पूरी की गयी और फिर दीदी को बिदा करने लगे | जब सब लोग जाने लगे तो आकांशा ने मुझसे बाय किया और चली गयी | अब मैं काफी काफी जब दीदी से बात करता तो आकांशा से बात कराने के लिए कहता | तब वो मेरी बाते आकांशा से करा देती थी | अब मैं और आकांशा एक दुसरे से बहुत प्यार करने लगे थे और मैं जब दीदी के घर जाता तो उसे किस भी करता और उसके बड़े चिकने बूब्स को भी दबा देता | मैं जब उसके बूब्स को दबाता था तो उसकी सांसे तेज हो जाती पर मैं कभी उसके घर रुक नही पता था जो उसकी चुदाई करता |

    फिर एक दिन की बात है जब मैं उसके घर घुमने गया था तो उस दिन आकांशा मुझे अपने यहाँ घुमाने भी ले गयी | मैं उस दिन उसकी स्कूटी पर पीछे बैठ कर उसकी कमर में हाथ डाल कर बैठा था और वो स्कूटी चला रही थी | हम दोनों उस दिन घूम कर आये और तब तक दीदी ने खाना तैयार कर दिया | फिर सब लोग खाना खाने के बाद लेट गए और मेरा बिस्तर आकांशा के पास वाले रूम में दीदी ने लगाया था | मैं उस रात लेट गया और जब सब लोग सोने लगे तो मैं चुपके से आकांशा के कमरे में चला गया | मैं और आकांशा एक दुसरे के लिपट गए और मैं उसको चूमने लगा | मैं आकांशा को चूम रहा था और चुमते हुए उसकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया | जब मैंने अपनी होठो को रख दिया तो वो मेरे होठो को अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | वो मेरी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगी और मैं उसकी पतली रसीली होठो को अपनी होठो से दबा दबा कर चूस रहा था | मैं उसकी होठो को चूसने के साथ उसके बड़े और चिकने बूब्स को पकडे के ऊपर से मसलने लगा | मैं जब उसके बूब्स को मसलने लगा तो उसके मुंह से जोरदार सिसकियाँ निकल गयी | मैं उसके मस्त चिकने बूब्स को दबा ही रहा था और उसकी जींस के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा | वो मस्त तेज तेज सांसे लेने लगी और मैं उसकी वो सांसो को सुनकर और जोश में आ गया | वो अब गर्म हो गयी थी और मैं अब चोदाई करने के पुरे मूड में था की मुझे तभी लगा की कोई आ रहा है तो मैं चुपके से अपने कमरे में आ गया | तब मैंने देखा की मेरा जीजा बाहर घूम रहे हैं तो मैं भी पानी पीने के बहाने से बाहर आया | मैंने पूछा क्या जीजा अब इस टाइम घूम रहे हो वो बोले बस ऐसे ही और मुझसे पूछने लगे की तुम्हरे पसीना बहुत चला रहा है | मैंने कहा कुछ नही जीजा लेटा था तो सपना अजीब देख लिया | वो बोले इस उम्र में सपने आते ही ज्यादा हैं और फिर वो चले गए | मैं उनको देखता रहा और जब वो अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया तो मैं फिर से आकांशा के कमरे में चला गया | तब आकांशा ने मुझसे पूछा की तुम भैया से क्या बात कर रहे थे तो मैंने कहा कुछ नही मेरी जान | फिर मैं उसको बाँहों में लेकर बेड पर लेट गया | मैं उसको अपनी बाँहों में लेकर बेड पर लेटा था और उसके मस्त बड़े बूब्स को दबाते हुए उसके दूध को मुंह में रख लिया | मैं जब उसके दूध को मुंह में रख लिया तो उसके मुंह से अह अह अह अह.. हाँ हाँ उई हाँ उई हाँ उई हाँ उई... सी सी उई सी सी उई सी हाँ हाँ उई.. की सिसकियाँ लेने लगी | वो मस्त आवाजे कर रही थी |

    मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर जोर जोर से चूस रहा था | वो मेरे सर को अपने बूब्स पर दबा रही थी | मैं उसके मस्त बड़े और चिकने बूब्स को एक एक करके चूस रहा था और साथ में उसकी पैन्ट को नीचे खिसका दिया और उसके चूत में अपनी ऊँगली घुसा दी | जब मैंने उसकी चूत में ऊँगली घुसा दी तो उसके मुंह से जोरदार सिसकियाँ निकल गयी | मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा कर जोर जोर से अन्दर बाहर कर रहा था | वो हं हं हं हाँ हाँ.. सी सी उई सी उई सी हाँ.. अह अह उई हा उई उई.. की आवाजे करती हुई मुझे कस के पकडे हुए थी | अब वो सेक्स के नशे में डूब गयी थी और चुदने के लिए तरस रही थी | तब मैं बिना टाइम को बर्बाद करते हुए अपने कपडे निकाल दिए और उसकी चूत के दाने को लंड से फैला दिया | मैं उसकी चूत के दाने को फैला कर उसकी चूत में लंड को घुसाने लगा | दोस्तों उसकी वो पहली चुदाई थी जिसकी वजह से उसकी चूत में लंड नही घुस रहा था | उसकी चूत बहुत टाईट थी | मैं दूसरी बार उसकी चूत में थूक लगा कर घुसाने लगा और थोडा सा लंड घुसा कर जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए अन्दर तक घुस गया | आकांशा की चूत से खून निकलने लगा और उसकी आँखों में पानी आ गया | दोस्तों दर्द की वजह से आकांशा का मुंह खुला का खुला ही रह गया | मैं उसकी होठो पर अपनी होठो को रख कर धीरे धीरे अन्दर बहर करने लगा | वो बिस्तर को पकड कर जोर जोर से इधर उधर हो रही थी |

    फिर वो कुछ देर बाद हाँ हाँ उई हाँ उई हाँ उई हाँ उई... सी सी उई सी सी उई सी हाँ हाँ उई.. की आवाजे करती हुई चुदने लगी | मैं उसकी पतली कमर को हाथ में पकड लिया और जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा और वो मस्त होकर चुदने लगी | मैं उसकी चूत में जितने जोर से धक्का मारता वो उतने ही जोर से उछल जाती | दोस्तों जब मेरा लंड उसकी बच्चे दानी में जाकर रगड़ता तो उसके जिस्म में आग लग जाती जिससे वो उछल जाती | मैं उसकी चूत में ऐसे ही 15 मिनट तक धक्के मारता रहा जिससे उसकी चूत का पानी निकल गयी और वो झड़ गयी | उसके 2 मिनट बाद मैं भी झड़ गया | फिर मैंने उसकी होठो पर प्यारी से किस की और कपडे पहन कर अपने रूम में आ गया जहाँ मेरा बिस्तर दीदी ने लगाया था | उस चुदाई के बाद मैं उसको 3 बात और चोद चूका हूँ |

    धन्यवाद......
     
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