चुदाई की प्यासी आंटी ने बाथरूम में मेरा

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 9, 2018.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,653
    Likes Received:
    2,213
    http://raredesi.com हेलो मेरा नाम antarvasna मोहित है मेरी उम्र 18 साल है मैं अपनी आंटी का दीवाना हो गया हूँ. मेरे घर में मम्मी पापा अंकल और आंटी है। आंटी की एक बेटी है जिनकी शादी हो गयी है, घर में हम पांच लोग रहते है। मेरी आंटी की उम्र 38 है फिर भी जवान और खूबसूरत दिखती हैं उनका फिगर कमाल का है पतली कमर बड़े बूब्स और फूली हुई गांड। आंटी की शादी मेरे अंकल से 18 की उम्र में हो गयी थी मेरे अंकल बहुत शराब पीते है अंकल आंटी का झगड़ा भी होता है।
    जब मैं छोटा था मुझे आंटी कभी कभी नहलाने लगती थी और मेरे नुनु को साबुन लगा कर साफ़ करती थी मुझे उस समय सेक्स का पता नहीं था, मैंने अपनी आंटी को ब्लाउज पेटीकोट में बहुत बार देखा है लेकिन कभी नियत ख़राब नहीं हुई।

    मेरी नानी बीमार थी उनको देखने के लिए मम्मी पापा नानी के घर गए थे, 2 दिन बाद मुझे तेज बुखार हुआ मेरे अंकल मुझे डॉक्टर को दिखाने लेगए डॉक्टर ने 4 दिन की दवाई दी. घर वापस आ कर मैं सो गया मुझे दवाई खाने से बहुत पसीना आ रहा था पुरे कपड़ भीग गए थे आंटी मेरे कपडे चेंज की और मैं सो गया। 2 दिन बाद मेरी तबियत कुछ ठीक हुई लेकिन मैं पुरे 3 दिन से नहाया नहीं था मुझ से पसीने की बदबू आ रही थी और बीमार होने की वजह से मेरा नहाने का मन नहीं हो रहा था।

    हर दिन की तरह अंकल काम पर चले गए आंटी मेरे कमरे में आयी और बोली चल नाहा ले पानी हल्का गरम कर के नहाने के लिए रख दी हूँ। मैं नहाने से मना करने लगा आंटी बोली नाहा लो यार कितना पसीना हुआ है तुमको, चल ठीक है मैं अभी नहीं नहायी हूँ तुझे साथ में नहला देती हूँ, मेरा नहाने का बिलकुल भी मूड नहीं था लेकिन आंटी के बोलने से मैं नहाने के लिए बाथरूम गया। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

    आंटी मेरे बचपन की तरह वैसे ही ब्लाउज और पेटीकोट में बाथरूम में चली गयी और मुझे कपडे उतारने को बोली मैं चड्डी पहना छोटे स्टूल पर बैठ गया आंटी मेरे ऊपर पानी डाल कर मेरे बालों पर शैम्पू लगा कर मेरे सरीर पर साबुन लगाने लगी, अब मैं पूरा जवान था और एक औरत का स्पर्श मेरे सरीर पर होने से मेरा लंड खड़ा होने लगा। आंटी के बूब्स ब्लाउज के अंदर से आधे दिख रहे थे बड़े बड़े हिलते बूब्स को देख कर मेरा लंड पर कण्ट्रोल नहीं रहा और लंड पूरा 6 इंच का खड़ा हो गया।

    आंटी मेरे पैरों पर साबुन लगा रही थी तभी उनकी नजर मेरी चड्डी के अंडर खड़े लंड पर पड़ी आंटी हलके से मुस्कुराई और बोली चल खड़ा हो जा. मैं बोला नहीं आंटी बैठ कर ही नाहा लेता हूँ, आंटी गुस्साई और बोली अरे यार तुम भी ना ऐसे ठीक से साबुन नहीं लगेगा सरीर पर,, 3 दिन बाद नाहा रहा है सब जगह अच्छे से साफ़ होना जरुरी है नहीं तो खुजली हो जाएगी। मैं खड़ा हुआ और मेरा लंड अब चड्डी के अंदर से आंटी के मुँह के पास सटा हुआ था आंटी मुझे बैठ कर नहला रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

    आंटी बोली चल अपने चड्डी निचे कर अंदर भी साफ़ करना है मेरे अंदर जोश भर गया था लेकिन मैं शरमा रहा था आंटी बोली उतार मोहित नहीं तो मैं खुद निचे कर दूंगी , इतना बोल कर आंटी मेरा चड्डी निचे खींच ली। मेरा 6 इंच का लंड चड्डी से आज़ाद होते ही आंटी की नाक को छूता हुआ तन कर खड़ा हो गया। आंटी बोलने लगी आज 7 साल बाद मेरे हाथ से नहा रहा है, तू कितना बड़ा हो गया है और तेरा नुनू भी। आंटी मेरे लंड की चमड़ी पीछे की और बोली देख अंदर मैल जमा है, आंटी हाथ पर साबुन लगा कर मेरे लंड को रगड़ने लगी मुझ से कण्ट्रोल नहीं हुआ और 1 मिनट के अंदर मेरा वीर्य किसी पिचकारी की तरह निकल कर आंटी के मुँह और बूब्स पर जा गिरा और टपकने लगा।

    मैं घबरा गया लेकिन आंटी बोली कोई बात नहीं मोहित अब तू जवान हो गया है और नुनू लंड बन गया है इसलिए ऐसी पिचकारी छोड़ रहा है, मैं चुप खड़ा था आंटी पूछी तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या ? मैं बोला नहीं आंटी। अच्छा इसका मतलब तूने सेक्स भी नहीं किया होगा ना ? मैं सर हिला कर नहीं में जवाब दिया। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
    आंटी मेरे ऊपर पानी डाल कर मुझे साफ़ की और मेरे लंड को पानी से धोने लगी और बोली तेरा नहाना तो हो गया अब मैं नाहा लेती हु ,, तू यही रुक मेरी पीठ पर साबुन लगा देना।
    आंटी अपनी ब्लाउज और ब्रा उतार कर खुद पर पानी डालने लगी, मैं आंटी के बड़े बड़े बूब्स और काले निप्पल देख कर फिर से जोश से भर गया और मेरा लंड खड़ा हो गया। मैं साबुन लेकर आंटी के पीठ पर लगाने लगा आंटी बोली मोहित मैं तुझे इतने प्यार से नहलायी हु तूभी आज अपनी प्यारी आंटी को नहला दे।

    मैं आंटी के पेट पर साबुन लगा कर उनके हाथ पर साबुन लगा रहा था और आंटी मेरे खड़े लंड को घूर कर देख रही थी।
    मैं हाथ में साबुन लगा कर रुक गया आंटी बोली मोहित मोमे पर भी लगा ना साबुन, मेरा डर अब ख़त्म हो गया था मैं आंटी के बूब्स पर साबुन लगा दिया और उनकी बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लगा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
    आंटी खड़ी हो कर अपनी पेटीकोट खोल दी और मैं अंदर का नजारा देख कर देखता रह गया आंटी पेंटी नहीं पहनी थी और वो मेरे सामने नंगी थी। मेरा लंड किसी सांप की तरफ फुसकार रहा था अपने आप झटके ले रहा था मैं बैठा और आंटी के पैरो पर साबुन लगा दिया। आंटी बोली मेरी फूदी कौन साफ़ करेगा? मैं उनकी चूत पर साबुन मलने लगा आंटी की चूत क्लीन सेव थी मैं साबुन लगा कर उनकी चूत और गांड को रगड़ने लगा।

    आंटी खुद पर पानी डालने लगी और बोली मेरी फूदी को अच्छे से साफ़ कर, मैं पानी की गिरती धार से आंटी की चूत धोने लगा। आंटी मुझे खड़े होने को बोली और खुद बैठ कर बोली मेरे पास आना मोहित .. मैं आंटी के पास जा कर खड़ा हुआ और मेरा लंड आंटी के ओंठो को टच करने लगा। आंटी बोली मोहित अभी ये अच्छे से साफ़ नहीं हुआ है रुक मैं करती हूँ। आंटी मेरे लंड की चमड़ी पीछे करके लंड को चाटने लगी 2 मिनट बाद बोली मोहित मुझे पता है तेरा लंड क्यों खड़ा है, इस लंड की तरह मेरी चूत भी सालों से प्यासी है। तेरा अंकल शराबी है वो मुझे कभी संतुस्ट नहीं कर पाता तुझे पता है ना मैं तुझ से कितना प्यार करती हूँ, क्या तू अपनी प्यारी आंटी को प्यार करेगा ? मैं हा बोल कर आंटी को खड़े किया और उनके ओंठ चूसने लगा। आंटी बोली चल मेरे कमरे में चलते है।
     
Loading...

Share This Page