चाचा की लड़की को चोदा

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Jan 8, 2017.

  1. 007

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    http://raredesi.com प्रेषक : राव .

    हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राव है और मेरी उम्र 30 साल है और आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसमें मैंने अपने चाचा की लड़की को चोदा और उसकी चुदाई के बहुत मज़े लिए और यह विचार मेरे मन में तब आया जब में कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले रहा था और फिर एक दिन मेरे मन में अपनी भी कहानी को लिखकर आप सभी तक पहुँचाने की बात आई और मैंने मज़े लेते हुए बहुत ध्यान से इसको लिखकर यहाँ पर पहुंचा दिया। में उम्मीद करूंगा कि यह सभी लोगो को पसंद आए, क्योंकि यह कोई झूटी कहानी नहीं मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है। दोस्तों वैसे में आजकल इंग्लेंड में रहता हूँ और यह कहानी आज से करीब 8 साल पुरानी है जब में 22 का था, तब में इंडिया पंजाब में जालंधर के पास एक गाँव में रहता था और हम लोग खेती किया करते थे और खेत में ही बने अपने घर में रहता था। तब उस समय हमारे पड़ोस वाला घर मेरे चाचा का था उनकी एक लड़की थी जिसकी उम्र तब 20 साल थी और वो दिखने में बहुत सुंदर थी। फिर मैंने अपने चाचा की लड़की से पहले अपनी मौसी की लड़की को भी बहुत बार जब भी मुझे अच्छा मौका मिलता मैंने उसको चोदा। वो उस समय हमारे पास में आई थी। एक दिन मेरे चाचा की लड़की जिसका नाम रंजीत है, वो मेरी मौसी की लड़की को बातों ही बातों में बता रही थी कि उसको राव मतलब में बहुत अच्छा लगता हूँ और वो मुझसे बहुत प्यार करती है और फिर मेरी मौसी की लड़की ने मुझे उसकी यह बात बताई कि रंजीत आपको बहुत पसंद करती है। उस दिन शाम को मेरी मौसी की लड़की मुझे यह बात बताकर अपने गाँव उसकी नानी के घर पर चली गयी और अब मेरे मन उसकी उस बात को सोचने लगा। में अपने चाचा की लड़की की चुदाई के सपने देखने लगा, क्योंकि वैसे भी अब मेरे लंड को किसी चूत की बहुत ज़रूरत थी, क्योंकि मैंने बहुत दिन से किसी के साथ सेक्स के मज़े नहीं लिए थे और तभी से में रंजीत को चोरी छिपे देखने लगा था और में उसको चोदने का मन ही मन विचार बना रहा था। फिर मेरी अच्छी किस्मत से दूसरे ही दिन हमारे घर पर कोई नहीं था और उनके घर में भी कोई नहीं था। हमारे किसी रिश्तेदार की मौत हो गयी थी तो इसलिए सभी लोग वहां पर चले गए और वो सभी शाम को 6 बजे से पहले नहीं आने वाले थे। फिर करीब 11 बजे रंजीत हमारे घर पर आई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हे कुछ खाने के लिए चाहिए तो मुझे बता देना। में तुम्हारे लिए मेरे घर से बनाकर ला दूंगी या बना दूंगी।

    फिर मैंने उससे कहा कि मुझे अभी भूख नहीं है और इस बीच में उससे बात करते समय उसके बूब्स को घूर रहा था जब उसने मुझे अपने बूब्स की तरफ अपनी खा जाने वाली नजर से देखते हुए देखा तो वो एकदम से शरमाकर मेरी तरफ मुस्कुराने लगी। फिर मैंने उसी समय अच्छा मौका देखा और उससे पूछ लिया कि क्या में तुम्हे अच्छा लगता हूँ तुम मुझे सच सच यह बात बताओ? और फिर उसने हाँ में अपना सर हिलाकर बिना कुछ बोले शरमाकर मुझे अपना जवाब दे दिया। मुझे उसका वो जवाब, उसका शरमाना देखकर मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने उसी समय बिना देर किए तुरंत उसका एक हाथ पकड़ लिया, लेकिन तब भी उसने मुझसे कुछ नहीं कहा और मैंने उसको पकड़कर अपनी तरफ खींचकर अपनी गोद में बैठाकर में उसको किस करने लगा। वो मुझसे कहने लगी कि अब मुझे छोड़ दो, नहीं तो कोई आ जाएगा और मुझे तुम्हारे साथ इस अवस्था में देखेगा तो मेरी बहुत बदनामी होगी और साथ में तुम्हारी भी। फिर मैंने उससे कहा कि दरवाजा बंद है और वैसे भी घर के सभी लोग बाहर है। शाम को 6 बजे से पहले कोई भी नहीं आएगा और तुम्हे उस बात की आज बिल्कुल भी चिंता करने की कोई भी जरूरत नहीं है क्योंकि इस समय में तुम्हारे साथ हूँ इसलिए कोई भी तुमसे कुछ भी नहीं कहेगा। अब मैंने उसको यह बात कहते हुए बेड पर लेटाकर में खुद भी उसके पास में लेटकर उसको अपनी बाहों में भरकर किस करने लगा और तभी मैंने महसूस किया कि कुछ देर बाद वो भी मुझे अपनी बाहों में भरकर मेरे साथ किस करने लगी थी और वो भी अब मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और अब में अपना एक हाथ उसकी गोरी आकर्षक छाती पर रखकर उसको किस करने लगा और इस बीच में उसके बड़े आकार के नरम मुलायम बूब्स को दबाने और उनको मसलने भी लगा था, जिसकी वजह से वो बहुत ही कम समय में बड़ी जोश में आकर पागलों की तरह मुझे किस करने लगी। दोस्तों करीब 15 मिनट के बाद भी हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह लगातार किस करते रहे, तो मैंने उसी समय सही मौका और उसका वो जोश देखकर अपना एक हाथ बूब्स से नीचे सरकाते हुए उसकी पतली कमर पर पहुंचाकर उसको थोड़ा सा सहलाकर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और फिर में उसकी चूत को अब पेंटी के ऊपर से उसको मसलने लगा, जिसकी वजह से वो अब और भी ज्यादा गरम हो गई। अब मैंने उसको कहा कि तुम अब अपने सभी कपड़े उतार दो, तो उसने उसके सारे कपड़े मेरे कहते ही तुरंत नीचे उतार दिए और उसके साथ साथ मैंने भी अपने सारे कपड़े नीचे उतार दिए जिसकी वजह से हम दोनों एक दूसरे के सामने पूरे नंगे खड़े थे और अब हम एक बार फिर से एक दूसरे को अपनी बाहों में लेकर किस करने लगे। तब मैंने महसूस किया कि हम दोनों का बदन बहुत तप रहा था और हम दोनों ही बहुत जोश में थे और करीब दस मिनट चूमने के बाद मैंने उसको अब बेड पर सीधा लेटाकर में उसकी गोरी सुराही जैसी गर्दन पर किस करने लगा। फिर धीरे धीरे में उसकी निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने के साथ साथ दबा भी रहा था और उनको धीरे धीरे सहला भी रहा था।

    अब वो मुझे ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ रही थी। में उसके गोरे मुलायम पेट पर भी किस कर रहा था और पेट पर किस करते करते में अब नीचे आकर उसकी चूत पर अपनी जीभ को फेरने लगा। फिर मैंने उस समय महसूस किया देखा कि वो अब जोश में आने की वजह से बहुत पागल कामुक हो चुकी थी और अब में अपनी जीभ से उसकी गरम गीली चूत को साफ करने लगा और में उसको चाटने लगा, जिसकी वजह से वो तो मारे मज़े के अपनी गांड को बार बार ऊपर कर रही थी और वो मेरा सर अपने हाथों से पकड़कर मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ भी घुमा रही थी। फिर करीब दस मिनट तक लगातार उसकी चूत को चाटने से वो बहुत ज्यादा जोश में आकर उसी समय झड़ गई। उसकी चूत का पानी मेरे मुहं में आ गया और फिर चूत को चाटना छोड़कर अब मैंने उससे पूछा कि क्या पहले कभी उसने किसी से अपनी चूत की चुदाई करवाई है? तभी उसने मुझसे कहा कि नहीं, लेकिन में खेत में से मुली या गाज़र लाकर कई बार अपनी चूत में डालकर उनसे मज़ा में लेती हूँ और ऐसा करने में मुझे बहुत मज़ा आता था, लेकिन यह सभी काम आज में पहली बार तुम्हारे साथ ही कर रही हूँ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

    फिर मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर इसको चूसो और आज में तुम्हे सब असली मज़े दूंगा। जिसके बाद तुम्हे पूरी जिंदगी इनका स्वाद मज़ा याद रहेगा और वो मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। फिर करीब पांच मिनट तक लंड को चूसने के बाद अब मेरा दिल उसकी चूत को चोदने के लिए बड़ा बेकरार हो रहा था। इसलिए मैंने उसके दोनों पैरों को ऊपर करके दोनों पैरों को पूरा खोलकर मैंने नीचे झुककर उसकी चूत पर थोड़ा सा थूक लगाकर अपना 6 इंच लंबा 2 इंच मोटा लंड उसकी चूत के खुले हुए छेद पर रख दिया और अपने हाथ नीचे ले जाकर उसके दोनों कूल्हों को खोलकर थोड़ा सा धक्का लगा दिया। मेरा लंड ठीक निशाने पर होने की वजह से बिल्कुल सही जगह उसकी चूत के छेद में चला गया और मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर में दोबारा किस करने लगा और इस बीच में अपने लंड को धीरे धीरे उसकी चूत के अंदर धकेलता रहा और तब तक मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था, जिसकी वजह से वो अब थोड़ा सा दर्द महसूस कर रही थी। फिर मैंने लंड को उसी समय दोबारा बाहर निकालकर अपने मुँह से थूक निकालकर उसकी चूत पर लगा दिया और फिर मैंने बहुत सारा थूक अपने लंड पर भी लगाकर में अब धीरे धीरे अपने लंड को दोबारा उसकी चूत के अंदर धकेलने लगा। फिर मैंने महसूस किया कि अब की बार बड़े मज़े से फिसलता हुआ मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था और उसी समय मैंने उसको पूछा कि क्या उसको अब दर्द तो नहीं हो रहा है? अब वो बोली कि नहीं, तो में अब अपने लंड को धीरे धीरे धक्के लगाने लगा, जिसकी वजह से अब उसको भी बड़ा मज़ा आ रहा था और मैंने उसको पूछा कि क्या अब तुम्हे मज़ा आ रहा है? तब वो मुस्कुराते हुए मुझसे बोली कि हाँ मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, हाँ तुम बस ऐसे ही करते रहो और ऐसा मज़ा यह सुख मुझे मूली गाजर को अंदर डालकर भी नहीं मिला। फिर में उसको अपनी बाहों में भरकर अब ज़ोर से धक्के मारने लगा और वो मेरे धक्को से खुश होकर मेरे साथ मज़े लेकर आईईईईई ऊउफ़्फ़्फ़् वाह मज़ा आ गया हाँ थोड़ा और अंदर तक डालो आह्ह्ह्ह तुम बहुत मज़े देते हो स्सीईईईइ करने लगी और वो अपनी दोनों आंखे बंद करके अपने होंठो पर अपनी जीभ को घुमाकर मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़ा ले रही थी और उसकी सिसकियाँ वो सेक्सी आवाज़ मुझे और भी जोश दिला रही थी, जिसकी वजह से में और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसकी चूत को चोद रहा था। फिर तब मैंने महसूस किया कि हम दोनों सेक्स में बिल्कुल पागल होकर एक दूसरे को ज़ोर ज़ोर से अपनी बाहों में लेकर झटके मार मारकर मज़े कर रहे थे। फिर करीब बीस मिनट की उस चुदाई के बाद हम दोनों एक एक करके झड़ गए और मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही निकाल दिया, जिसकी वजह से वो मुझे उसके चेहरे से बहुत खुश बड़ी संतुष्ट नजर आ रही थी और फिर हम एक दूसरे को चूमने चाटने लगे।

    फिर उसी समय मैंने उससे पूछा कि कैसा रहा यह मज़ा और तुम्हे मेरी यह चुदाई कैसी लगी? तो उसने मुझसे कहा कि में उस मज़े को किसी भी शब्द में बोलकर नहीं बता सकती कि मुझे कितना मज़ा आया? या में इस चुदाई के बाद कैसा महसूस कर रही हूँ? फिर उसने मुझसे कहा कि तुम मेरे साथ एक वादा करो कि आप मेरी चूत को हर कभी मौका मिलते ही इसको मारते रहोगे और मेरी ऐसे ही जमकर चुदाई करोगे, में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और अब में जब भी मुझे कोई सही मौका मिलता था तो में कभी घर में कभी खेत में उसकी चूत को बड़े मज़े से में चोदता रहा और मैंने उसकी बहुत बार चुदाई के मज़े लिए, लेकिन अब में अपने देश से बाहर अपनी नौकरी की वजह से रहता हूँ इसलिए हम दोनों कई बार फोन पर हमारी वो पुरानी बातें करते है कि हमने किस किस जगह कैसे कैसे सेक्स किया और कितने मज़े लिए? और हम इस तरह से अपनी पुरानी यादों को हमेशा ताज़ा करते बहुत खुश होते थे ।।

    धन्यवाद .


     

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