एक अनजान औरत के साथ सम्भोग

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Feb 26, 2018.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

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    http://raredesi.com हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम अरुण है और आज मैं एक मस्त सेक्स स्टोरी लेकर आप सबको सुनाने आया हूँ ये कहानी एकदम सच्ची और बहुत मस्त है एक अनजान औरत इतनी सेक्स की भूखी होगी मैंने सोचा भी ना था, तो दोस्तों अब आप अपना लंड और लड़कियां अपनी चूत संभाल के रखिए क्यूंकि जल्दी ही आपके लंड और चूत से पानी छुटने वाला है। फ्रेंड्स ये बात ज़्यादा पुरानी नहीं है कहानी बताने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ मेरा नाम अरुण है और मेरी उम्र अब 26 साल है मेरी उम्र अब शादी की हो गई है इसलिए मेरे घर वाले अब मेरे लिए लड़की देख रहे है मैं दिखने में हैंडसम हूँ और एक जवान लड़का हूँ, मेरा लंड भगवान की दया से काफ़ी बड़ा और मोटा है जिस वजह मैंने आज तक जिसे भी अपना लंड दिया है वो आज तक मेरा लंड मांगती है खैर आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

    दोस्तों मैं दिल्ली में किसी काम से आया हुआ था मुझे वहां अपनी कंपनी के काम से पूरे एक महीने के लिए रुकना था इसलिए मैं वहां एक होटल में रुका हुआ था शाम को मेरे फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया मैंने फोन उठाया तो मेरे कानो में एक बहुत ही मधुर आवाज़ आई, मैंने पूछा आपको किस से बात करनी है? तो वो बोली आप अरुण जी बात कर रहे हो ना, तो मैंने कहा हाँ जी मैं अरुण बात कर रहा हूँ तो वो बोली अच्छा ठीक है मैं आप से सीधे ही बात करती हूँ मुझे आपसे दोस्ती करनी है अगर आप बुरा ना माने तो, मैं बोला देखो मेडम मैंने आपको देखा तक नहीं, तो मैं आपसे दोस्ती कैसे कर सकता हूँ पर आपकी आवाज़ सुनकर मुझे लगता है की आप बहुत ही खूबसूरत हो इसलिए मैं आपके इस दोस्ती वाले प्रपोज को एक्सेप्ट करता हूँ वो बोली धन्यवाद अरुण जी अब मैं आपसे रात को बात करती हूँ।

    ये कहकर उसने मेरा फोन काट दिया और मैं उसकी आवाज़ से उसकी खूबसूरती का अंदाज़ा लगाने लग गया मैं बहुत बेसब्री से उसके फोन का इंतज़ार कर रहा था मेरा मन कर रहा था की क्यों ना मैं खुद ही उससे बात कर लूँ पर मैंने ये करना ठीक नहीं समझा और उसका इंतज़ार करने लग गया उसके बाद रात के 10 बज चुके थे तभी उसका फोन आ गया और मैंने जल्दी से उसका फोन उठा लिया और उससे बातें करनी शुरू कर दी उसने मुझे बताया की वो दिल्ली के पास ही रहती है और उसने मुझे साफ शब्दों में घर आने को कह दिया मैंने उसे कहा ठीक है मैं आ जाऊंगा पर आपको मुझे लेने आना पड़ेगा क्यूंकि मुझे दिल्ली के रास्तों का बिल्कुल भी पता नहीं है तो वो बोली मेरे राजा आप बिल्कुल भी फिकर मत करो मैं आपको लेने आ जाऊँगी फिर मैंने उसे काफ़ी देर तक बातें करी और उसे फिर गुड नाइट कहकर मैं सो गया और अगले दिन मैं अच्छे से तैयार हो गया और उसे फोन करके होटल से निकल लिया उसके बाद मैं ऑटो में बैठ गया और उसके बताए हुई जगह पर पहुँच गया फिर मैंने उसे फोन किया और उसने मुझे बताया की वो लाल बिल्डिंग के पास नीचे खड़ी है और उसने नीले रंग की साड़ी पहनी है मैंने दूर से ही उसे देख लिया था और मैंने दूर से ही उसके फिगर का अंदाज़ा लगा लिया उसका फिगर 34-30-40 होगा, उसका रंग गोरा था धूप में वो एक हीरे की तरह चमक रही थी जब मैं उसके पास गया तो वो मुझे देखते ही बोली वेलकम अरुण आओ मेरे साथ आगे चलो मैंने कहा मेडम आपको कैसे पता की मैं ही अरुण हूँ।

    तो वो बोली तुम जैसे इंसान को तो मैं दूर से ही पहचान लेती हूँ फिर हम दोनों एक होटल में गये और बड़े आराम से हम दोनों ने कॉफी पी और वही से उसने टैक्सी बुक कर ली अपने घर तक और फिर हम दोनों उसके घर की तरफ चल पड़े। रास्ते में ही मैंने उसके बूब्स का बहुत अच्छे से अंदाज़ा लगा लिया था अब मेरा मन उसको चोदने का बन चुका था करीब 25 मिनट बाद हम उसके घर पहुँच गये और उसके बाद उसने अपने फलेट की चाबी निकाली और मुझे घर के अंदर ले लिया अंदर से घर काफ़ी अच्छा लग रहा था फिर उसने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और मैं सोफे पर बैठ गया और फिर वो किचन में चली गई और मेरे लिए वो पानी लेकर आई तब उसने मुझे बताया की उसका पति का एक खुद का कारोबार है इसलिए वो ज़्यादातर घर से बाहर रहते है और इसलिए वो उससे बहुत कम सेक्स करता है ये बात सुनते ही मैं समझ गया की वो मुझसे जबरदस्त सेक्स की उम्मीद कर रही है और मैं भी इसकी जवानी को चोद चोदकर निकालना चाहता था वो मुझे पानी देकर अंदर चली गई थी मैं टीवी देख रहा था और उसको आज कैसे चोदना है उसके बारे में सोच रहा था वो 20 मिनट बाद एक कमरे से बाहर आई अब वो पूरी तरह से तैयार होकर मेरे सामने आई थी।

    उसको देखते ही मेरे लंड की नसे फूलने लग गई थी मेरा मन कर रहा था की साली को अभी नंगी करके चोद दूँ क्यूंकि उसने बहुत ही पतली सी गाउन डाली हुई थी जो की उसके घुटनो से ऊपर थी जिसमें वो एक सेक्स की देवी लग रही थी उसके हाथ में चाय थी और उसने चाय को टेबल पर रखा और मुझसे एकदम चिपककर बैठ गई वो मुझसे इधर उधर की बातें करने लग गई थी पर वो जो मुझसे चाहती थी वो मुझे अच्छे से पता था इसलिए मैंने उसकी कमर में एक हाथ डाला और उसे अपनी और खींच लिया जैसे ही उसने मेरी तरफ अपना मुहँ किया तभी मैंने उसके होंठो को अपने होंठो में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को चूसने लग गया मैंने उसके होठों को 10 मिनट तक अच्छे से चूसा फिर मैंने उसके गले को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और फिर उसको काफ़ी देर चूमने चाटने के बाद मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया अब मैंने झट से उसकी दोनों टाँगे उठाई और उसकी पेंटी को साइड करके मैं उसकी चूत को चाटने लग गया जैसे ही मेरे होंठ उसकी चूत पर लगे तभी वो मचलने लग गई मैं ऐसे ही उसकी चूत को चाटता रहा और उसे तड़पाता रहा आख़िर उसने मुझे पीछे किया और मुझे कहा चलो अरुण अब अंदर चलते है मुझसे और बर्दास्त नहीं हो रहा है। फिर वो मुझे अपने साथ अपने बेडरूम में ले गई और ये तो कहना ही होगा की उसका बेडरूम बहुत ही खूबसूरत था बेडरूम खूबसूरत होने के साथ साथ वो भी इतनी ज़्यादा खूबसूरत थी की मैं आपको क्या बताऊ वो अब अपने इतने चिकने बदन को मुझे दिखाई जा रही थी और अपनी गांड हिला हिलाकर मुझे अपना दीवाना बना रही थी ये सब देखकर मेरा लंड फनफना रहा था और मैं ये देखकर खुद को कंट्रोल क्या बस आउट ऑफ कंट्रोल हुई जा रहा था। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

    फिर वो अपने बूब्स को भी हाथो में पकड़कर उसको मसल रही थी और ये सब देखकर मुझसे रहा नहीं जा रहा था मेरा तो बस मन कर रहा था की इन्हें पकड़कर खा जाऊ और इसकी चूत को फाड़ डालूं, अब वो मेरे पास आई और मुझसे लिपटकर मेरी बाहों में टूट पड़ी मैंने भी देर ना करते हुए उसे अपनी बाहों में भर लिया और फिर उसके बूब्स को ऊपर से ही दबाने लग गया मुझे ये सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था और फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके कपड़े धीरे धीरे करके उतारने लग गया वो भी ये सब देखकर इतनी बेताब हो रही थी की मैं आपको क्या बताऊ, अब जैसे ही वो मेरे सामने नंगी हुई तो मैंने भी उसके गोरे गोरे बूब्स को अपने हाथों में भरकर दबाना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद मैंने उसके निप्पल को मुहँ में भरकर चूसना भी शुरू कर दिया मुझे ये सब करने में बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था और मैं ये सब करके काफ़ी अच्छा महसुस भी कर रहा था। उसके गोरे गोरे, गोल गोल बूब्स को मुहँ में भरकर चूसने में बहुत ही गजब का मज़ा आ रहा था और मैं ये सब देखकर पागल हुई जा रहा था और मेरा लंड तो मानो जैसे लम्बी रोड की तरह बस एक जगह एक ही पोज़िशन में खड़ा ही रह गया था वो मुझसे चुदवाने की कोशिश करी जा रही थी पर मैं भी किसी से कम नहीं था इसलिए मैंने भी उसे जोर से पकड़ रखा था और उसे अपनी बाहों में जकड़ रखा था और फिर उसके बाद मैंने उसकी चूत में हाथ डाल दिया जिससे की वो मचल उठी और फिर मैं भी उसकी चूत पर अपना हाथ फेरे जा रहा था।

    मेरे ऐसा करने से उसके मुहँ से सिसकारियां निकल रही थी और वो बड़ी ही ज़ोर ज़ोर से साँसे भर रही थी और पागलो की तरह मचली जा रही थी मैंने भी तब उसको कंट्रोल में करने के लिए उसके हाथो में अपना लंड थमा दिया था और फिर उसके बाद वो भी उसे अपने हाथो में लेकर ऊपर नीचे करने लग गई और उसके बाद मैंने भी अपनी स्पीड बड़ा दी और अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। एक उंगली उसकी चूत में जाते ही वो मचल उठी और तड़पने लग गई और आअहह .. आहह. की आवाज़े निकालने लग गई मुझे ये सब देखकर बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था और फिर मैंने भी उसकी चूत को ऊँगली से ज़ोर ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद वो मुझे कहने लग गई की चूत मार दो अब, तो मैंने भी बिना कोई देर किए उसकी चूत में से उंगली निकाली और उसकी टांगो को ऊपर उठाकर मेरे लंड को उसकी चूत के ऊपर रखा और बस एक ही झटके में लंड पूरा अंदर डाल दिया और फिर उसके बाद वो ऐसी चींखी की बस जैसे की उसकी जान निकलने वाली हो गई और मैं बस उसको चोदता गया पूरे कमरे में फच फच की आवाज़े आ रही थी और ये सब सुनकर मैं और पागल हुई जा रहा था और मैं उसे वैसे ही ज़ोर ज़ोर से चोदे जा रहा था। फिर करीब 15 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद वो मुझे कहने लग गई की चोद डालो फाड़ डालो मेरी चूत को और अपना पानी निकाल दो, तो मैंने भी बिना कोई देर किए उसकी चूत में लंड ज़ोर ज़ोर से पेलना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद मैंने एक ही झटके में अपना सारा पानी उसकी चूत में उतार दिया और उसके ऊपर आकर गिर गया। हम ऐसे ही थोड़ी देर पड़े रहे और फिर हम ऐसे ही बिस्तर पर एक दूसरे साथ चिपककर हिलने लग गये जैसे की नाग नागिन नाचते है और एक दूसरे को प्यार करने लग गये। फिर हम थोड़ी देर बाद उठे और बाथरूम में जाकर कपड़े पहने और बाहर आकर बैठ गये और फिर उसके बाद हम दोनों बातें करने लग गये और साथ ही साथ कुछ खाने भी लग गये मुझे ये सब बहुत ही ज़्यादा अच्छा लग रहा था और मैं उसके साथ बाहों में लिपटा हुआ था और फिर उसके बाद मैंने उससे अपने बारे में पूछना शुरू कर दिया तो मुझे लगा की उसने कही मेरी आई.डी. से नंबर लिया होगा पर बाद में पता चला की उसकी किसी फ्रेंड ने उसको मेरा नंबर दिया था।

    ये सुनकर मैं काफ़ी खुश हो गया क्यूंकि मैं जानता था की मुझे ये सब काफ़ी खुशी देता है और फिर वो मुझसे कहने लग गई की आज जो मुझे मज़ा मिला है वो मुझे आज से पहले कभी नहीं मिला है और ये मज़ा पाकर मैं बहुत खुश हूँ और आज के बाद हम एक दूसरे के साथ ही सेक्स किया करेंगे और ये जानकर मैं बहुत खुश हो गया।

    धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!
     
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